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Dehradun Smart Vending Zone : दून के सात विधानसभा क्षेत्रों में बदल जाएगी सड़कों की सूरत, देखें लिस्ट

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 24 Feb 2026 06:49 PM IST

देहरादून की सड़कों पर अब ठेलियों की वजह से लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। नगर निगम ने शहर के सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों में 25 नए 'स्मार्ट वेंडिंग जोन' बनाने की फाइनल मुहर लगा दी है, जिससे सैकड़ों रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित रोजगार मिलेगा।

Dehradun Smart Vending Zone : दून के सात विधानसभा क्षेत्रों में बदल जाएगी सड़कों की सूरत, देखें लिस्ट

मुख्य बातें

  1. राजपुर, धर्मपुर, रायपुर, मसूरी, कैंट, सहसपुर और डोईवाला में बनेंगे वेंडिंग जोन।
  2. इंद्रेश अस्पताल (150 ठेली) और मोहकमपुर (80-88 ठेली) जैसे इलाकों में मिलेगी जगह।
  3. सीसीटीवी, पेयजल, बायो-टॉयलेट और वेस्ट मैनेजमेंट से लैस होंगे ये जोन।
  4. सड़कों और फुटपाथों से अवैध कब्जे हटेंगे, पैदल यात्रियों को मिलेगी राहत।

देहरादून। (Dehradun Smart Vending Zone) देहरादून की सड़कों को अतिक्रमण के चंगुल से छुड़ाने और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों की तकदीर बदलने के लिए नगर निगम ने मास्टर प्लान जमीन पर उतार दिया है। देहरादून के व्यस्त चौराहों और बाजारों में बेतरतीब खड़ी ठेलियां अब इतिहास बनने वाली हैं। मेयर सौरभ थपलियाल के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम ने शहर के बुनियादी ढांचे को नया रूप देने की तैयारी कर ली है।

इस योजना का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि इसे किसी एक खास इलाके तक सीमित न रखकर दून के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों—राजपुर रोड, धर्मपुर, रायपुर, मसूरी, कैंट, सहसपुर और डोईवाला—में समान रूप से फैलाया गया है। निगम का सीधा लक्ष्य है: ट्रैफिक का दबाव कम करना और फुटकर विक्रेताओं को सम्मानजनक पहचान देना।

इंद्रेश अस्पताल और मोहकमपुर में विशेष क्लस्टर

अधिकारियों ने ग्राउंड सर्वे के बाद हॉटस्पॉट की लिस्ट तैयार की है। इंद्रेश अस्पताल के पास एक विशाल वेंडिंग जोन बनेगा जहाँ करीब 150 ठेलियों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा किया जा सकेगा। वहीं, मोहकमपुर क्षेत्र में दो अलग-अलग पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 80 से 88 ठेलियों की क्षमता होगी।

इसके अलावा प्रमुख शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों के पास छोटे-छोटे क्लस्टर विकसित किए जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को अपनी जरूरत का सामान घर के पास ही मिल सके और मुख्य सड़कों पर भीड़ न बढ़े।

केवल जगह नहीं, मिलेगी पहचान और सुरक्षा

यह सिर्फ एक पार्किंग स्लॉट नहीं, बल्कि एक ‘स्मार्ट इकोसिस्टम’ होगा। इन जोन में आने वाले हर ठेला संचालक का अनिवार्य पंजीकरण (Registration) होगा और उन्हें क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र आवंटित किए जाएंगे। निगम यहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

इससे न केवल अवैध उगाही और अतिक्रमण पर लगाम लगेगी, बल्कि ‘स्मार्ट सिटी’ की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि जब वेंडर एक तय सीमा में व्यापार करेंगे, तो पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ खाली होंगे और जाम की समस्या खुद-ब-खुद दम तोड़ देगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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