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Delhi Dehradun Expressway : “दिल्ली ढाई घंटे, पर राजपुर से आशारोड़ी 3 घंटे”—एक्सप्रेसवे पर पूर्व सीएम का तंज

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 14 Apr 2026 03:34 PM IST

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड के लिए सौगात तो माना है, लेकिन आंतरिक सड़कों की बदहाली और खराब प्लानिंग के कारण शहर में बड़े जाम की चेतावनी दी है। उन्होंने इस हाईवे का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की भी मांग उठाई है।

Delhi Dehradun Expressway : "दिल्ली ढाई घंटे, पर राजपुर से आशारोड़ी 3 घंटे"—एक्सप्रेसवे पर पूर्व सीएम का तंज

मुख्य बातें

  • एक्सप्रेसवे के साथ इंटरनल रोड कनेक्टिविटी में सुधार न होने पर जताई चिंता।
  • बीजेपी सरकार पर नौ वर्षों तक आंतरिक मार्गों की अनदेखी का लगाया आरोप।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी उत्तराखंड दौरे को 'चुनावी झमेला' करार दिया।

देहरादून, 14 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Harish Rawat on Delhi Dehradun Expressway : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण और इसकी उपयोगिता को लेकर प्रदेश सरकार की घेराबंदी की है। रावत ने एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड के लिए एक सौगात स्वीकार करते हुए चेतावनी दी है कि उचित प्लानिंग के अभाव में यह प्रोजेक्ट देहरादून के निवासियों के लिए ‘वरदान’ के बजाय ‘परेशानी का सबब’ बन सकता है। उन्होंने कहा कि शहर के भीतर की सड़कों में सुधार किए बिना एक्सप्रेसवे का पूरा लाभ मिलना संभव नहीं है।

हरीश रावत ने बीजेपी नेताओं के उन दावों पर तंज कसा जिसमें दिल्ली की दूरी ढाई घंटे होने की बात कही जा रही है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि भले ही दिल्ली पहुंचना आसान हो जाए, लेकिन वर्तमान में देहरादून के भीतर ही राजपुर से आशारोड़ी तक का सफर तय करने में तीन घंटे से अधिक का समय लग रहा है।

रावत के अनुसार, राज्य सरकार की अदूरदर्शिता की वजह से आने वाले दो से ढाई वर्षों तक देहरादून को भारी ट्रैफिक जाम और ‘बॉटल नेक’ जैसी स्थितियों के कारण घुटन का सामना करना पड़ेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का नाम बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान आंतरिक मार्गों के सुधार की जो प्रक्रिया शुरू की गई थी, भाजपा सरकार ने अपने नौ वर्षों के शासनकाल में उसे आगे नहीं बढ़ाया।

रावत के मुताबिक, जब तक एक्सप्रेसवे और शहर की आंतरिक सड़कों के बीच सही तालमेल (कनेक्टिविटी) नहीं होगा, तब तक स्थानीय निवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने इसे विशुद्ध रूप से ‘चुनावी दौरा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के आयोजन शुरू हो गए हैं, जो महज एक चुनावी झमेला है। रावत ने जोर देकर कहा कि प्रदेश को केवल बड़े एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि मजबूत इंटरनल रोड नेटवर्क की भी जरूरत है, ताकि पर्यटन और स्थानीय यातायात सुगम हो सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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