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Dhami Government : बद्रीनाथ-केदारनाथ के बाद अब मानसखंड की बारी; उत्तराखंड के 48 मंदिरों का कायाकल्प शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसमें हरिद्वार कुंभ, गंगा कॉरिडोर और मानसखंड मंदिर माला जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

Dhami Government : बद्रीनाथ-केदारनाथ के बाद अब मानसखंड की बारी; उत्तराखंड के 48 मंदिरों का कायाकल्प शुरू

HIGHLIGHTS

  • हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
  • हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के 48 पौराणिक मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचे का विकास शुरू हो गया है।

देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार (Dhami Government) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के जरिए देवभूमि का आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ और ऋषिकेश-हरिद्वार गंगा कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लक्ष्य उत्तराखंड को दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर

सरकार ने हरिद्वार कुंभ मेला 2026 की भव्यता सुनिश्चित करने के लिए बजट में 1,000 करोड़ रुपये सुरक्षित किए हैं। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना के तहत हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के लिए 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इस कॉरिडोर के बनने से न केवल श्रद्धालुओं को सुगमता होगी, बल्कि गंगा तटों का सौंदर्यीकरण भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए भी सरकार ने 25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

मानसखंड मंदिर माला और रिवर फ्रंट का विस्तार

गढ़वाल के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र के विकास के लिए ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अंतर्गत 48 चिन्हित मंदिरों के आसपास सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने सरयू रिवर फ्रंट और हरिपुर कालसी में यमुना घाट के निर्माण के लिए भी विशेष बजट रखा है।

आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ‘स्प्रिचुअल इकोनॉमी जोन’ हेतु 10 करोड़ रुपये और संस्कृत शिक्षा के संवर्धन के लिए 28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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