गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि धामी सरकार की उपलब्धियां (Dhami Govt Achievements) धरातल पर दिख रही हैं। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आंखों पर तुष्टिकरण की पट्टी बंधी है, उन्हें राज्य का बदलता स्वरूप नजर नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री ने लैंड जिहाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने सरकारी जमीनों को अवैध कब्जेदारों के चंगुल से मुक्त कराया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देवभूमि की डेमोग्राफी और संसाधनों की रक्षा के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
नकल विरोधी कानून और भर्तियों पर बोलते हुए धामी ने कहा कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ‘अर्बन नक्सल’ और टूलकिट गैंग के लोग 30 हजार पारदर्शी नियुक्तियों को पचा नहीं पा रहे हैं और युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सतत विकास सूचकांक में उत्तराखंड आज देश का नंबर वन राज्य है। उन्होंने कहा कि पहले खनन का पैसा माफिया की जेब में जाता था, लेकिन अब पारदर्शी व्यवस्था से राजस्व सीधे सरकार के पास आ रहा है।
कोटद्वार की घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार गैरसैंण को स्मार्ट सिटी बनाने और बद्री गाय के संरक्षण के लिए बड़े केंद्र स्थापित करने पर काम कर रही है।
धामी ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने आचरण के कारण समाप्ति की ओर है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड की राजनीति से विपक्ष पूरी तरह गायब हो जाएगा।




