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नौनिहालों की सुरक्षा पर डीएम सख्त, देहरादून में एक साथ तोड़े गए कई जर्जर स्कूल भवन

देहरादून जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जनपद के 64 में से 56 पूर्णतः जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त कर दिया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई में बाकी बचे 8 भवनों को एक महीने के भीतर हटाने का समय दिया गया है।

नौनिहालों की सुरक्षा पर डीएम सख्त, देहरादून में एक साथ तोड़े गए कई जर्जर स्कूल भवन

HIGHLIGHTS

  • जनपद के 56 स्कूल भवन और 14 जर्जर कक्षा-कक्ष पूरी तरह ध्वस्त।
  • चकराता और कालसी ब्लॉक में सबसे अधिक जर्जर संरचनाओं पर हुई कार्रवाई।
  • पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था लागू।

देहरादून, 30 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छात्र सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में वर्षों से मौत का साया बने 56 जर्जर भवनों को जमींदोज कर दिया गया है। जिलाधिकारी के कड़े रुख और शिक्षा अधिकारियों की ‘नकेल’ कसने के बाद, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस ध्वस्तीकरण की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में हुई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों को सुरक्षित वातावरण देना है। रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में कुल 64 विद्यालय भवनों को ‘पूर्णतः निर्जीर्ण’ यानी निष्प्रोज्य घोषित किया गया था। इनमें से 56 को ढहा दिया गया है, जबकि शेष 8 भवनों को अगले एक माह के भीतर ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्लॉकवार कार्रवाई का ब्यौरा

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दुर्गम इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक यह अभियान चलाया गया। चकराता ब्लॉक में सबसे अधिक 23 भवन चिन्हित थे, जबकि कालसी में 17, विकासनगर में 8, रायपुर में 14, सहसपुर में 2 और डोईवाला में 17 विद्यालय भवनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। अब तक कुल 70 संरचनाओं (भवन और अलग से चिन्हित कक्षा-कक्ष) को हटाया जा चुका है।

वैकल्पिक व्यवस्था और आगामी लक्ष्य

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जर्जर भवनों के हटने से छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी प्रभावित स्कूलों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। जिन 11 आंशिक या पूर्ण भवनों का ध्वस्तीकरण तकनीकी कारणों से रुका है, उनके लिए शासन से एक माह का अतिरिक्त समय मांगा गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में जर्जर स्कूल ढांचों को एक साथ हटाया गया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ब्लॉकवार ध्वस्तीकरण की स्थिति

विकासखण्ड चिन्हित भवन/कक्ष वर्तमान स्थिति
चकराता 23 ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण/प्रगति पर
कालसी 17 ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण/प्रगति पर
रायपुर 14 ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण
डोईवाला 17 ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण/प्रगति पर
विकासनगर 08 ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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