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घर की इन चीजों को भूलकर भी न रखें जमीन पर, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा की पवित्र वस्तुओं और बहुमूल्य रत्नों को सीधे जमीन पर रखना नकारात्मक ऊर्जा को न्योता देना है। इन नियमों की अनदेखी से घर की आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

Published On: March 23, 2026 2:29 AM
Vastu Shastra

HIGHLIGHTS

  • शालिग्राम और शिवलिंग जैसे देव-प्रतीकों को फर्श पर रखना शास्त्रों में वर्जित है।
  • सोने, चांदी और कीमती रत्नों का सीधा भूमि स्पर्श ग्रहों के अशुभ प्रभाव बढ़ाता है।
  • समुद्र से उत्पन्न सीप और कौड़ियां मां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं, इनका अनादर दरिद्रता लाता है।

Vastu Shastra : वास्तु शास्त्र और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, पृथ्वी को आधार माना गया है, लेकिन कुछ विशिष्ट पवित्र वस्तुओं का सीधा भूमि स्पर्श ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है। मान्यताओं के अनुसार, देव प्रतिमाओं और आध्यात्मिक यंत्रों में उच्च कंपन (High Vibration) होता है, जो जमीन के संपर्क में आते ही अपनी शक्ति खोने लगते हैं। इसी कारण पूजा और दैनिक जीवन में कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है।

इन 5 श्रेणियों की वस्तुओं का फर्श से संपर्क है वर्जित

  • देव स्वरूप (शालिग्राम और शिवलिंग): भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम और महादेव के प्रतीक शिवलिंग को कभी भी सीधे फर्श पर न रखें। मंदिर की सफाई करते समय अक्सर लोग इन्हें नीचे रख देते हैं, जो भारी दोष का कारण बनता है। इन्हें हमेशा एक स्वच्छ वस्त्र, तांबे के पात्र या काष्ठ (लकड़ी) के स्टैंड पर ही रखें।
  • पूजा की सहायक सामग्री: भगवत गीता के अनुसार शंख, धूप, दीप, यंत्र और पुष्पों को कभी भी नंगी जमीन पर नहीं रखना चाहिए। विशेष रूप से जलता हुआ दीपक या शंख अगर सीधे जमीन पर रखा जाए, तो उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। तुलसी दल और जपमाला को भी हमेशा ऊंचे स्थान या झोली में रखना श्रेयस्कर है।
  • बहुमूल्य रत्न और धातु: सोना, चांदी, हीरा और मोती जैसे रत्नों का संबंध सीधे नवग्रहों से होता है। जैसे सोना गुरु (बृहस्पति) का कारक है, इसे सीधे जमीन पर रखने से गुरु दोष लग सकता है। गहनों को हमेशा डिब्बे में या मखमल के कपड़े के ऊपर ही रखें।
  • समुद्र से प्राप्त वस्तुएं: सीप और कौड़ियों की उत्पत्ति समुद्र से हुई है, जिन्हें मां लक्ष्मी की सहोदरा (बहन) माना जाता है। लक्ष्मी पूजा में उपयोग होने वाली इन वस्तुओं का जमीन पर होना सीधे तौर पर धन की देवी का अनादर माना जाता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • पवित्र ग्रंथ और कपूर: चंदन, कपूर और धार्मिक पुस्तकों को भी सीधे भूमि स्पर्श से बचाना चाहिए। इन्हें हमेशा किसी चौकी या स्टैंड पर रखें ताकि इनकी पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

वैज्ञानिक और तार्किक आधार

वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन में गुरुत्वाकर्षण और अवशोषण की शक्ति होती है। जब हम किसी ऊर्जावान वस्तु (जैसे अभिमंत्रित शंख या रत्न) को जमीन पर रखते हैं, तो पृथ्वी उसकी सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती है।

इससे उस वस्तु का आध्यात्मिक प्रभाव शून्य हो जाता है। विशेष रूप से तांबे या अष्टधातु की वस्तुओं को सीधे फर्श पर रखने से ऊर्जा का क्षरण तेजी से होता है।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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