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शेयर बाजार की ऐतिहासिक गिरावट से घबराएं नहीं, इन 5 सरकारी स्कीमों में पैसा है 100% सुरक्षित

मार्च 2026 में शेयर बाजार में आई 11% की भारी गिरावट के बाद निवेशक अब सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली सरकारी योजनाओं की तलाश कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।

शेयर बाजार की ऐतिहासिक गिरावट से घबराएं नहीं, इन 5 सरकारी स्कीमों में पैसा है 100% सुरक्षित

HIGHLIGHTS

  • बाजार का बुरा दौर: मार्च 2026 में निफ्टी 50 ने साल 2020 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की है।
  • मिडिल ईस्ट संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने से महंगाई का डर बढ़ा।
  • सुरक्षित ठिकाना: RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स और NSC जैसे विकल्प अब 8% तक का रिटर्न दे रहे हैं।

मुंबई, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। दलाल स्ट्रीट पर मार्च का महीना निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा, जहां निफ्टी 50 ने करीब 11% की ऐतिहासिक गोताखोरी लगाकर सबको चौंका दिया है। पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

बाजार में इस अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों को मजबूर कर दिया है कि वे जोखिम भरे इक्विटी मार्केट से निकलकर ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित निवेश की ओर रुख करें। अगर आप भी अपने मेहनत की कमाई को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना चाहते हैं, तो सरकार समर्थित ये विकल्प आपकी पहली पसंद होने चाहिए।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): सुरक्षा के साथ 7.7% रिटर्न

पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए ढाल बनकर उभरी है। फिलहाल NSC पर सरकार 7.7% की दर से सालाना ब्याज दे रही है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो आपको बाजार के डेली शोर-शराबे से दूर रखता है। आयकर की धारा 80C के तहत इसमें निवेश पर छूट भी मिलती है, हालांकि मैच्योरिटी पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।

PPF: टैक्स फ्री मुनाफे का ‘पावरहाउस’

लंबी अवधि यानी 15 साल के लिए निवेश करने वालों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी बेजोड़ है। इस पर मिल रहा 7.1% का ब्याज भले ही कम दिखे, लेकिन इसका ‘EEE’ (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस इसे सबसे खास बनाता है। इसका मतलब है कि आपके निवेश, उस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रकम पर एक रुपया भी टैक्स नहीं देना होगा।

RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड: 8.05% की धाकड़ कमाई

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी ये बॉन्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो अधिक ब्याज चाहते हैं। वर्तमान में ये बॉन्ड 8.05% की दर से रिटर्न दे रहे हैं। इन बॉन्ड्स की खासियत यह है कि इनका ब्याज दर NSC की दरों से 0.35% ऊपर रहता है। हर 6 महीने में ब्याज का भुगतान आपके खाते में कर दिया जाता है, जिससे रेगुलर इनकम बनी रहती है।

सरकारी बॉन्ड्स (G-Secs) और डेट फंड्स

जो निवेशक पूरी तरह जोखिम शून्य रखना चाहते हैं, वे सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs) में जा सकते हैं, जहाँ 6% से 7.5% तक का स्थिर रिटर्न मिलता है। वहीं, अगर आप थोड़ा लचीलापन चाहते हैं तो डेट म्यूचुअल फंड्स एक विकल्प हैं। लिक्विड फंड्स में जहां करीब 4% से 7% रिटर्न की उम्मीद रहती है, वहीं शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स 6.5% से 7.5% तक का मुनाफा दे सकते हैं। हालांकि, इनमें निवेश करने से पहले यह याद रखें कि रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थितियों पर निर्भर करता है।

कॉर्पोरेट निवेश 

अगर आप सरकारी योजनाओं से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो कंपनियों के डिबेंचर (NCD) और कॉर्पोरेट FD की ओर देख सकते हैं। यहां 7% से लेकर 12% तक का भारी ब्याज मिल सकता है। लेकिन सावधानी जरूरी है; किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी क्रेडिट रेटिंग जरूर चेक करें। खराब रेटिंग वाली कंपनियां डूबने पर आपका मूलधन भी संकट में पड़ सकता है।

पोस्ट ऑफिस RD

अनुशासित बचत के लिए पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) आज भी लोकप्रिय है। इसमें 6.7% की दर से ब्याज मिलता है और आप महज 100 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो एकमुश्त बड़ी रकम जमा करने के बजाय हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करना चाहते हैं।

Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस सेक्शन की एक अनुभवी आर्थिक एवं व्यापार संवाददाता हैं। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग सेक्टर और पर्सनल फाइनेंस उनकी मुख्य बीट (Beat) है। पारुल को मार्केट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर ट्रेंड्स का सटीक विश्लेषण करने में खास महारत हासिल है। वह अपनी रिपोर्टिंग में हमेशा प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों और विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करती हैं। पारुल का मुख्य उद्देश्य बजट, टैक्स नियमों और निवेश से जुड़ी अहम खबरों को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम आदमी का वित्तीय ज्ञान और अधिक मजबूत हो सके।

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