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EPFO News : पीएफ ब्याज दर 10% होने के दावों पर सरकार का बड़ा बयान, करोड़ों कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर

केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार के अनुसार मौजूदा 8.25% की दर अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी और सुरक्षित है।

EPFO News : पीएफ ब्याज दर 10% होने के दावों पर सरकार का बड़ा बयान, करोड़ों कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर

HIGHLIGHTS

  • सोशल मीडिया पर चल रहे 10% ब्याज के दावों को सरकार ने संसद में सिरे से खारिज कर दिया।
  • वित्त वर्ष 2023-24 के लिए तय 8.25% की ब्याज दर ही फिलहाल प्रभावी बनी रहेगी।
  • EPFO ने बैलेंस चेक करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 'Passbook Lite' फीचर पेश किया है।

नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO News) सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसके ब्याज को लेकर चल रही अटकलों पर अब सरकार ने स्थिति साफ कर दी है।

सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार पीएफ पर मिलने वाले ब्याज को मौजूदा 8.25% से बढ़ाकर सीधा 10% कर सकती है। संसद में एक लिखित सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ब्याज दरों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का फिलहाल कोई विचार या प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने साफ किया कि पीएफ पर ब्याज दर तय करने का अधिकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) के पास सुरक्षित है। बोर्ड फंड की कमाई और देनदारियों का आकलन करने के बाद ही सालाना दरें तय करता है।

सरकार का तर्क है कि जहां बैंक एफडी और अन्य छोटी बचत योजनाओं की दरें घट-बढ़ रही हैं, वहीं ईपीएफ की 8.25% की दर अभी भी निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम बनी हुई है।

ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले कुछ सालों में ईपीएफ ब्याज दरों में निरंतर उतार-चढ़ाव देखा गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में जब यह दर 8.50% थी, उसके बाद 2021-22 में इसे घटाकर 8.10% कर दिया गया था, जो पिछले कई दशकों का निचला स्तर था। हालांकि, 2022-23 में इसमें सुधार हुआ और यह 8.15% पर पहुंची। वर्तमान में लागू 8.25% की दर पिछले तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर है, जिसे सरकार एक संतुलित और लाभप्रद रिटर्न मान रही है।

निवेशकों की सुविधा के लिए EPFO ने तकनीकी मोर्चे पर भी बदलाव किए हैं। अब कर्मचारी अपने फंड की स्थिति जानने के लिए ‘Passbook Lite’ जैसे स्मार्ट फीचर्स का उपयोग कर सकते हैं।

यह फीचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो भारी-भरकम स्टेटमेंट के बजाय केवल मुख्य सारांश देखना चाहते हैं। इसमें लॉग-इन करने के बाद सदस्य अपने पिछले पांच योगदानों का विवरण तुरंत देख सकते हैं और विस्तृत जानकारी के लिए मेंबर आईडी का चयन कर पूरी पासबुक डाउनलोड कर सकते हैं।

Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस सेक्शन की एक अनुभवी आर्थिक एवं व्यापार संवाददाता हैं। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग सेक्टर और पर्सनल फाइनेंस उनकी मुख्य बीट (Beat) है। पारुल को मार्केट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर ट्रेंड्स का सटीक विश्लेषण करने में खास महारत हासिल है। वह अपनी रिपोर्टिंग में हमेशा प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों और विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करती हैं। पारुल का मुख्य उद्देश्य बजट, टैक्स नियमों और निवेश से जुड़ी अहम खबरों को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम आदमी का वित्तीय ज्ञान और अधिक मजबूत हो सके।

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