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Fact Check: क्या अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच फिर लगेगा लॉकडाउन? जानें पीएम मोदी के बयान का असली सच

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rohit Arora Updated Wed, 25 Mar 2026 10:19 PM IST

संसद में पीएम मोदी द्वारा कोरोना काल की चुनौतियों का जिक्र करने के बाद देश में दोबारा लॉकडाउन लगने की अफवाहें तेज हो गई हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं, न कि किसी तालाबंदी की तैयारी है।

Fact Check: क्या अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच फिर लगेगा लॉकडाउन? जानें पीएम मोदी के बयान का असली सच

मुख्य बातें

  • पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट की तुलना कोरोना काल की 'सप्लाई चेन' बाधाओं से की।
  • सोशल मीडिया पर पुराने लॉकडाउन के वीडियो और संदर्भ गलत तरीके से वायरल हो रहे हैं।
  • सरकार एलपीजी कालाबाजारी रोकने और पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘Lockdown in India’ शब्द तेजी से तैर रहा है। संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक संबोधन को आधार बनाकर यह दावा किया जा रहा है कि देश 2020 जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है। हकीकत यह है कि इन दावों में कोई दम नहीं है। प्रधानमंत्री ने केवल वैश्विक संकट के प्रति सतर्क रहने की बात कही थी, जिसे गलत संदर्भ में लिया जा रहा है।

संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि जिस तरह 2020 में कोरोना ने वैश्विक सप्लाई चेन को तोड़ दिया था, आज युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर वैसा ही खतरा मंडरा रहा है।

पीएम ने कहा, “हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है।” उनके इस ‘तैयार रहने’ वाले जुमले को लोगों ने सीधे लॉकडाउन से जोड़ दिया, जबकि उनका इशारा आर्थिक आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा की ओर था।

छह साल पहले 24 मार्च 2020 को जब देशव्यापी तालाबंदी हुई थी, तब उद्देश्य वायरस के संक्रमण को रोकना था। आज स्थिति पूरी तरह अलग है। मौजूदा संकट सामरिक और आर्थिक है, न कि मेडिकल। तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल और सप्लाई रूट बाधित होने की आशंका के बीच सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसमें एलपीजी की जमाखोरी पर लगाम और घरेलू पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार जैसे कदम शामिल हैं।

जानकारों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध विराम के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में घबराहट कम हुई है। भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति में हफ्तों तक देश की जरूरतें पूरी कर सकता है।

स्पष्ट है कि इंटरनेट पर ‘Lockdown in India’ सर्च करने वालों को डरने की जरूरत नहीं है। देश में किसी भी तरह की तालाबंदी की कोई योजना नहीं है और जनजीवन सामान्य बना रहेगा।

Rohit Arora

रोहित अरोड़ा 'दून हॉराइज़न' की नेशनल टीम के एक अहम और अनुभवी सदस्य हैं। देश के विभिन्न राज्यों की राजनीतिक हलचल, सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। रोहित का फोकस हमेशा उन जमीनी खबरों पर होता है जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। वे अपनी रिपोर्टिंग में तटस्थता (Objectivity) और प्रामाणिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। भ्रामक सूचनाओं के इस दौर में, रोहित की तथ्यपरक और संतुलित लेखनी पाठकों के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु का काम करती है।

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