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Flipkart Food Delivery : फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी क्षेत्र में एंट्री, 10% कमीशन के साथ जोमाटो-स्विगी को देगी टक्कर

ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट अब फूड डिलीवरी क्षेत्र में कदम रखने की पूरी तैयारी में है। कम कमीशन दरों और ओएनडीसी नेटवर्क के सहारे कंपनी जोमाटो और स्विगी के वर्चस्व को सीधी चुनौती देने जा रही है।

Published On: August 3, 2026 12:49 PM
Flipkart Food Delivery : फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी क्षेत्र में एंट्री, 10% कमीशन के साथ जोमाटो-स्विगी को देगी टक्कर

HIGHLIGHTS

  • फ्लिपकार्ट बेंगलुरु से फूड डिलीवरी की शुरुआत करेगी।
  • लॉन्चिंग 15 अगस्त 2026 के आसपास संभावित है।
  • रेस्टोरेंट्स से महज 10 फीसदी कमीशन लिया जाएगा।
  • डिलीवरी के लिए ओएनडीसी नेटवर्क का इस्तेमाल होगा।

Flipkart Food Delivery : देश की प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट में उतरने जा रही है। कंपनी अपनी इस नई सर्विस को 15 अगस्त 2026 के आसपास लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। शुरुआत में इस सेवा का संचालन बेंगलुरु शहर में किया जाएगा।

कंपनी ने अपनी इस नई मुहिम के तहत बेंगलुरु के स्थानीय और लोकप्रिय रेस्टोरेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम तेज कर दिया है। ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बातचीत लगातार जारी है।

वर्तमान भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट पर पूरी तरह से जोमाटो और स्विगी जैसी दिग्गज कंपनियों का कब्जा बना हुआ है। हाल के दौर में रैपिडो ने अपने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‘ओनली’ (Ownly) के माध्यम से इस बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। फ्लिपकार्ट के आने से यह मुकाबला पूरी तरह से बहुकोणीय होने जा रहा है।

फ्लिपकार्ट बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए रेस्टोरेंट्स को बेहद आकर्षक कमीशन मॉडल की पेशकश कर रही है। कंपनी का इरादा रेस्टोरेंट पार्टनर्स से केवल 10 प्रतिशत के आसपास ही कमीशन वसूलने का है। यह नीति छोटे और बड़े दोनों प्रकार के रेस्टोरेंट मालिकों को लुभा रही है।

बाजार में मौजूद मौजूदा कंपनियां जैसे जोमाटो और स्विगी इस समय रेस्टोरेंट्स से काफी अधिक शुल्क वसूलती हैं। इनका कमीशन आमतौर पर 16 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक बैठता है। इतना भारी कमीशन देने के कारण रेस्टोरेंट का मुनाफा काफी घट जाता है।

फ्लिपकार्ट का यह 10 प्रतिशत वाला मॉडल रेस्टोरेंट्स की कुल परिचालन लागत को सीधे तौर पर घटाएगा। लागत कम होने का सीधा फायदा आम ग्राहकों तक पहुंचेगा। ग्राहकों को ऑर्डर पर बेहतर डिस्काउंट, सस्ते व्यंजन और कम डिलीवरी चार्ज की सुविधा मिल सकेगी।

बिजनेस मॉडल को तेज और असरदार बनाने के लिए फ्लिपकार्ट अपने खुद के लॉजिस्टिक्स की जगह ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) का इस्तेमाल करेगी। यह केंद्र सरकार की एक विशेष डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य डिजिटल कॉमर्स को सभी के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाना है।

ओएनडीसी के जरिए सेवाएं देने से फ्लिपकार्ट को शुरुआत से पूरा नया डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा नहीं करना पड़ेगा। नेटवर्क पहले से तैयार होने की वजह से सर्विस को तुरंत बड़े पैमाने पर शुरू करना संभव हो जाएगा। इससे परिचालन लागत भी काफी हद तक नियंत्रित रहेगी।

शुरुआती चरण में बेंगलुरु के अंदर चुनिंदा ग्राहकों के एक समूह के साथ इसका ट्रायल रन चलाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सिस्टम की तकनीकी मजबूती, डिलीवरी टाइम और यूज़र एक्सपीरियंस की बारीकी से जांच होगी।

ग्राहकों की प्रतिक्रिया और फीडबैक के आधार पर सर्विस में जरूरी सुधार किए जाएंगे। बेंगलुरु में मॉडल सफल रहने के बाद इस सेवा का विस्तार देश के अन्य प्रमुख महानगरों और द्वितीय श्रेणी के शहरों में भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

उपभोक्ता फ्लिपकार्ट की इस नई फूड डिलीवरी सेवा का लाभ दो अलग तरीकों से ले सकेंगे। इसके लिए मुख्य फ्लिपकार्ट ऐप के अंदर ही एक अलग सेक्शन दिया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी एक पूरी तरह से समर्पित फूड डिलीवरी ऐप भी लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फ्लिपकार्ट के इस कदम से जोमाटो और स्विगी पर भारी दबाव बनेगा। बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए इन दोनों कंपनियों को भी अपनी कमीशन दरों और बिजनेस रणनीतियों में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

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Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस सेक्शन की एक अनुभवी आर्थिक एवं व्यापार संवाददाता हैं। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग सेक्टर और पर्सनल फाइनेंस उनकी मुख्य बीट (Beat) है। पारुल को मार्केट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर ट्रेंड्स का सटीक विश्लेषण करने में खास महारत हासिल है। वह अपनी रिपोर्टिंग में हमेशा प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों और विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करती हैं। पारुल का मुख्य उद्देश्य बजट, टैक्स नियमों और निवेश से जुड़ी अहम खबरों को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम आदमी का वित्तीय ज्ञान और अधिक मजबूत हो सके।

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