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Tilak Ke Niyam : तिलक लगाने के लिए कौन सी उंगली है शुभ? जानिए सही नियम और धार्मिक महत्व

भारतीय संस्कृति में माथे पर तिलक लगाना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता और ऊर्जा संतुलन का माध्यम भी है। अलग-अलग उंगलियों से तिलक लगाने का अपना विशेष महत्व और प्रभाव माना गया है।

Published On: September 13, 2026 10:26 AM
Tilak Ke Niyam

Tilak Ke Niyam : माथे पर दोनों भौंहों के बीच का हिस्सा, जिसे आज्ञा चक्र कहा जाता है, ऊर्जा का प्रमुख केंद्र माना गया है। पूजा-पाठ हो या किसी शुभ काम की शुरुआत, माथे पर तिलक लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिलक किस उंगली से लगाया जा रहा है, इसका भी अपना एक विशेष महत्व होता है?

परंपरा और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हाथ की हर उंगली किसी न किसी ग्रह और विशेष ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है। सही तरीके और सही उंगली से लगाया गया तिलक मन को शांत और एकाग्र रखने में मदद करता है।

अनामिका उंगली (Ring Finger): शांति और सकारात्मक ऊर्जा

अंगूठे के पास वाली छोटी उंगली के बगल वाली यानी तीसरी उंगली को अनामिका कहा जाता है। इसे सूर्य और शुक्र की ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है।

कब करें इस्तेमाल: पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य और रोजमर्रा में भगवान को या खुद को तिलक लगाने के लिए इस उंगली का प्रयोग सबसे उत्तम माना गया है।

तिलक की सामग्री: चंदन, कुमकुम, केसर या हल्दी का तिलक अनामिका से लगाने पर मानसिक शांति और चेहरे पर सकारात्मक तेज बना रहता है।

तर्जनी उंगली (Index Finger): करियर और एकाग्रता

अंगूठे के ठीक बगल वाली उंगली को तर्जनी कहते हैं, जिसका संबंध गुरु तत्व से माना जाता है।

कब करें इस्तेमाल: जब आप किसी महत्वपूर्ण बैठक, परीक्षा या किसी बड़े निर्णय के लिए जा रहे हों, तब इस उंगली से तिलक लगाना आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जाता है।

ध्यान रखने योग्य बात: पारंपरिक मान्यताओं में दूसरों को तिलक लगाते समय सामान्य पूजा में तर्जनी के इस्तेमाल से बचा जाता है, इसे विशेष रूप से ज्ञान और मार्गदर्शन का प्रतीक माना जाता है।

मध्यमा उंगली (Middle Finger): स्थिरता और अनुशासन

हाथ की सबसे बड़ी उंगली को मध्यमा कहा जाता है और इसका संबंध शनि तत्व से माना गया है, जो अनुशासन और धैर्य का प्रतीक है।

कब करें इस्तेमाल: यदि आप दिनभर अत्यधिक मानसिक तनाव में रहते हैं या काम में एकाग्रता नहीं बन पा रही है, तो इस उंगली से भस्म या सफेद चंदन लगाना मन को ठहराव देता है।

महत्व: यह उंगली जीवन में संतुलन और काम के प्रति गंभीरता बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

कनिष्ठिका (Little Finger): संवाद और बुद्धिमत्ता

हाथ की सबसे छोटी उंगली का संबंध बुध ग्रह से जोड़ा जाता है, जो बुद्धि, वाणी और संवाद कौशल को नियंत्रित करता है।

कब करें इस्तेमाल: जब आपको किसी सार्वजनिक मंच पर बोलना हो या किसी से बातचीत में स्पष्टता लानी हो, तब तुलसी के रस या हल्के चंदन का तिलक इस उंगली से लगाने की सलाह दी जाती है।

अंगूठा (Thumb): शक्ति और आरोग्य

अंगूठे को शुक्र और मंगल के बल का प्रतीक माना जाता है। जब कोई दूसरा व्यक्ति (जैसे घर के बड़े या गुरु) आपको तिलक या आशीर्वाद देते हैं, तो वे अक्सर अंगूठे का प्रयोग करते हैं। अंगूठे से तिलक लगाने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और आत्मबल मजबूत होता है।

तिलक लगाने का सही तरीका क्या है?

  • केवल उंगली का चुनाव ही नहीं, तिलक लगाने की दिशा और तरीका भी जरूरी है:
  • तिलक हमेशा नीचे से ऊपर की ओर यानी माथे के ऊपरी हिस्से की तरफ लगाना चाहिए।
  • बहुत ज्यादा दबाव डालने के बजाय हल्के हाथ से अनामिका या अंगूठे से आज्ञा चक्र पर स्पर्श करें।
  • तिलक लगाते समय मन को शांत रखें और सकारात्मक विचार लाएं।

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Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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