home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

GST Raid : फेक बिलिंग का भंडाफोड़, हरिद्वार की कंपनी में 14 करोड़ की टैक्स चोरी; ऐसे हुआ खुलासा

उत्तराखंड कर विभाग की सीआईयू टीम ने हरिद्वार की एक इलेक्ट्रिकल फर्म पर छापा मारकर करोड़ों की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान कंपनी ने 12 करोड़ रुपये का टैक्स मौके पर ही जमा कर दिया, जबकि कुल चोरी 14 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।

GST Raid : फेक बिलिंग का भंडाफोड़, हरिद्वार की कंपनी में 14 करोड़ की टैक्स चोरी; ऐसे हुआ खुलासा

HIGHLIGHTS

  • हरिद्वार की इलेक्ट्रिकल गुड्स निर्माता फर्म पर राज्य कर विभाग की कार्रवाई।
  • पिछले दो वित्तीय वर्षों में 14 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के साक्ष्य।
  • फर्जी बिलिंग और बिना माल मंगाए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का उठाया जा रहा था लाभ।
  • कार्रवाई के दौरान फर्म ने मौके पर ही जमा कराए 12 करोड़ रुपये।

देहरादून, 5 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। हरिद्वार स्थित एक इलेक्ट्रिकल गुड्स निर्माता कंपनी में राज्य कर विभाग ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी (GST Raid) का पर्दाफाश किया है। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) की इस छापेमारी में सामने आया है कि फर्म ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में करीब 14 करोड़ रुपये का टैक्स चुराया। कार्रवाई की सख्ती को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने मौके पर ही 12 करोड़ रुपये का बकाया जीएसटी विभाग को जमा करा दिया।

कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर चार जून को सीआईयू की टीम ने फर्म के व्यापारिक ठिकानों पर दबिश दी। दरअसल, पिछले कुछ समय से कंपनी का कारोबार तो लगातार बढ़ रहा था, लेकिन उस अनुपात में सरकार को टैक्स नहीं चुकाया जा रहा था। इसी संदेह के आधार पर विभाग ने डेटा विश्लेषण के जरिए कंपनी की गतिविधियों की निगरानी शुरू की।

फर्जी बिलिंग से लिया जा रहा था आईटीसी का लाभ

अधिकारियों की जांच में पता चला कि फर्म केवल कागजों पर फर्जी बिल तैयार कर रही थी। बिना वास्तविक माल खरीदे या प्राप्त किए ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया जा रहा था।

इस फर्जीवाड़े की पोल खोलने के लिए विभाग ने ई-वे बिल, माल के परिवहन और टोल प्लाजा पर लगे एएनपीआर (ANPR) कैमरों की मदद ली। वाहनों की आवाजाही का मिलान जब कागजी रिकॉर्ड से किया गया, तो पूरी चोरी पकड़ में आ गई।

छापेमारी के दौरान टीम ने व्यापारिक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। फर्म के जिम्मेदारों से पूछताछ और कागजातों की जांच के बाद ही 12 करोड़ रुपये की तत्काल रिकवरी हो सकी। राज्य कर विभाग इसे हाल के समय की एक बड़ी सफलता मान रहा है।

फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे और राज

जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की अब फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि बिलिंग और लेन-देन के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होने पर कर चोरी का वास्तविक आंकड़ा 14 करोड़ रुपये से भी ऊपर जा सकता है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपायुक्त विनय पाण्डेय, योगेश मिश्रा, निखिलेश श्रीवास्तव, अजय बिसरे, अर्जुन राणा और सहायक आयुक्त के.के. पाण्डेय, योगेश रावत, अविनाश झा, गार्गी बहुगुणा व अभिषेक ठाकुर शामिल रहे। विभाग ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment