नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आसमान से बरसने वाली राहत अब आफत में बदलती दिख रही है क्योंकि उत्तर भारत समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम (Weather Update Today) का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि एक के बाद एक आ रहे दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) पूरे देश की रफ्तार थामने को तैयार हैं।
पहला सिस्टम आज यानी 4 अप्रैल को अपना चरम दिखा रहा है, जबकि दूसरा 7 अप्रैल को दस्तक देगा। इसकी वजह से दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में कुदरत का कड़ा पहरा रहने वाला है।

पंजाब और हरियाणा के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर इस वक्त सबसे बड़ा संकट है। सरकार ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से ‘लॉजिंग’ (फसल का जमीन पर बिछ जाना) का खतरा बढ़ गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गेहूं की बालियां पक चुकी हैं और इस समय पानी पड़ने से दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंच सकती है।
दिल्ली और राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। यहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।

ऊंचे पहाड़ी इलाकों जैसे हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि बर्फबारी के आसार कम हैं। लेकिन मैदानी इलाकों में अचानक होने वाली ओलावृष्टि से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
मध्य भारत का हाल भी कुछ अलग नहीं है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ-मराठवाड़ा इलाकों में अगले पांच दिनों तक बादलों का डेरा रहेगा।
महाराष्ट्र के कुछ जिलों में तो बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार और झारखंड में 7 अप्रैल तक मौसम के तेवर तल्ख रहेंगे। पश्चिम बंगाल में गर्मी और उमस से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी, लेकिन 7 तारीख के बाद वहां भी झमाझम बारिश होने के संकेत हैं।
दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी के समय सुरक्षित ठिकानों पर रहें।
8 अप्रैल तक देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, जो बढ़ती गर्मी से एक अस्थायी राहत तो है लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।










