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Hariyali Teej Paran Vidhi : हरियाली तीज का पारण करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें सही नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Fri, 14 Aug 2026 12:30 PM IST

हरियाली तीज का निर्जला व्रत रखने के बाद सही तरीके से पारण करना बेहद जरूरी माना जाता है। जानिए पूजा के बाद सबसे पहले क्या खाकर व्रत खोलना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Hariyali Teej Paran Vidhi

Hariyali Teej Paran Vidhi : सावन के महीने में हरियाली तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं।

शास्त्रों में व्रत रखने के साथ-साथ उसके सही पारण यानी व्रत खोलने के नियमों को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया गया है। अगर व्रत का पारण सही विधि से न किया जाए, तो उपवास अधूरा माना जाता है।

आइए जानते हैं कि हरियाली तीज का व्रत अगली सुबह कैसे खोलना चाहिए और सबसे पहले किन चीजों का सेवन करना सही रहता है।

पारण करते समय सबसे पहले क्या खाना चाहिए?

पूरे 24 घंटे या दिनभर बिना पानी के रहने के बाद शरीर को एकदम से भारी भोजन देना ठीक नहीं होता। धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों नजरिए से पारण का एक तय क्रम होता है:

गंगाजल और सादा पानी: पूजा संपन्न करने के बाद सबसे पहले गंगाजल की कुछ बूंदें या सादा जल ग्रहण करके व्रत का संकल्प पूरा करें।

मीठा भोग: हिंदू परंपरा में उपवास हमेशा किसी मीठी चीज से खोला जाता है। पूजा में चढ़ाई गई खीर, सूजी का हलवा या कोई भी सात्विक मिठाई खाकर व्रत खोलें।

हल्का और सुपाच्य भोजन: मिठाई के बाद तुरंत तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें। सात्विक भोजन, जैसे बिना प्याज-लहसुन की दाल-रोटी, लौकी की सब्जी या खिचड़ी का सेवन करें।

सुबह पूजा और पारण की सही विधि

हरियाली तीज के व्रत का पारण चतुर्थी तिथि की सुबह किया जाता है। इसके लिए इन आसान चरणों का पालन करें:

स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या नए हरे वस्त्र पहनें।

सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।

घर के मंदिर की शुद्धि: मंदिर की सफाई करके गंगाजल छिड़कें और घी का दीपक जलाएं।

शिव-पार्वती पूजन: माता पार्वती और भगवान शिव को धूप, दीप, नैवेद्य, बेलपत्र और फल अर्पित करें। पूजा में हुई किसी भी अनजानी भूल के लिए क्षमा मांगें।

भोग और पारण: भगवान को लगाए गए भोग में से थोड़ा सा हिस्सा लेकर पारण करें और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लें।

दान और शृंगार से जुड़ी जरूरी बातें

तीज के दिन परंपराओं का पालन करने से पर्व की सार्थकता और बढ़ जाती है:

हरे रंग का महत्व: सावन में प्रकृति हरी-भरी रहती है, इसलिए पूजा के दौरान हरी साड़ी, सूट और हरी चूड़ियां पहनना बेहद शुभ माना जाता है।

सोलह शृंगार: सुहागिन महिलाएं पूरा शृंगार करके ही पूजा में बैठें और माता पार्वती को भी सुहाग पिटारी अर्पित करें।

दान-पुण्य: व्रत खोलने से पहले किसी जरूरतमंद महिला या ब्राह्मण को अन्न, फल, वस्त्र या सुहाग की सामग्री का दान जरूर करें।

सेहत के लिहाज से इन बातों का रखें ध्यान

लंबे समय तक निर्जला रहने के बाद पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है।

  • एकदम से बहुत ज्यादा ठंडा पानी या भारी भोजन न लें।
  • शुरुआत में नारियल पानी, नींबू पानी या सादा पानी घूंट-घूंट करके पिएं।
  • ज्यादा तला-भुना, खट्टा या तीखा खाना खाने से बचें ताकि पेट में गैस या जलन की समस्या न हो।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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