करनाल, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज होते ही सरकार ने खरीद व्यवस्था को लेकर अपना शिकंजा कस दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने आज करनाल जिले की विभिन्न अनाज मंडियों का तूफानी दौरा किया। नई अनाज मंडी पहुंचे मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि मंडियों में किसानों की सुविधा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
कृषि मंत्री ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों और आढ़तियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की मेहनत की फसल का एक-एक दाना खरीदना है। मंडियों में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या सुस्ती दिखाई दी, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि फसल की आवक के साथ-साथ उठान की गति भी उतनी ही तेज होनी चाहिए।
सिस्टम को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए राणा ने बताया कि इस बार वेरिफिकेशन प्रक्रिया को काफी सख्त रखा गया है। रिकॉर्ड में दर्ज फसल क्षेत्र का मिलान करने के बाद ही गेट पास जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि सरकार का लक्ष्य 100% वेरिफिकेशन का है। भुगतान के मुद्दे पर मंत्री ने दावा किया कि लिफ्टिंग संपन्न होने के महज 24 घंटे के अंदर पैसा किसानों के खातों में ट्रांसफर हो रहा है।
मंडियों में किसानों की भीड़ को देखते हुए एक बड़ा बदलाव भी लागू किया गया है। अब एक किसान अपनी फसल मंडी लाने के लिए तीन अलग-अलग व्यक्तियों को नामित कर सकता है, जिससे काम में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, प्रदेश के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की मंडियों में सक्रिय हैं ताकि जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।
हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी की समस्या पर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने माना कि बारिश से नमी बढ़ी है, लेकिन इससे कुल पैदावार को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही लाएं या स्टोर करें। उन्होंने मंडियों में बारदाने (बोरियों) की उपलब्धता को लेकर किसी भी कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया।
राणा ने अंत में कहा कि हरियाणा का यह प्रोक्योरमेंट मॉडल पूरे देश में सराहा जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी राज्य की त्वरित भुगतान और खरीद नीति की प्रशंसा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार हर कदम पर अन्नदाता के साथ खड़ी है और मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की निगरानी खुद उच्च स्तर पर की जा रही है।












