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भोजन के तुरंत बाद क्यों जरूरी है यूरिन पास करना? आयुर्वेद के इस छोटे से नियम में छिपे हैं सेहत के बड़े राज

आयुर्वेद के अनुसार भोजन के पश्चात मूत्र त्याग करना शरीर से विषैले तत्वों को निकालने और ब्लैडर की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के लिए अनिवार्य है। यह सरल अभ्यास महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और संक्रमण के जोखिम को कम करने में भी सहायक सिद्ध होता है।

Published On: April 6, 2026 5:56 AM
Bladder Health Tips

HIGHLIGHTS

  • भोजन के बाद यूरिन पास करने से ब्लैडर की मसल्स पर दबाव कम होता है और वे ढीली नहीं पड़तीं।
  • यह प्रक्रिया शरीर की 'अपान वायु' को संतुलित कर ओव्यूलेशन और पीरियड्स साइकिल को नियमित रखती है।
  • टॉक्सिंस के तुरंत निकास से यूटीआई (UTI) और यूटरस इन्फेक्शन जैसी समस्याओं का खतरा टल जाता है।

हेल्थ डेस्क, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति में स्वस्थ जीवन के लिए आहार-विहार के कई सूक्ष्म नियम बताए गए हैं, जिनमें से भोजन के उपरांत मूत्र त्याग करना (Bladder Health Tips) अत्यंत प्रभावी माना गया है।

आधुनिक जीवनशैली में लोग अक्सर इस छोटे से लेकिन महत्वपूर्ण कदम को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर उनके मेटाबॉलिज्म और यूरोजेनिटल हेल्थ पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही हम भोजन ग्रहण करते हैं, शरीर के भीतर पाचन की जटिल प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है। इस दौरान ब्लैडर में पहले से मौजूद टॉक्सिंस और संचित तरल पदार्थ दबाव बनाने लगते हैं।

यदि भोजन के तुरंत बाद यूरिन पास नहीं किया जाता, तो नए बनने वाले अपशिष्ट पदार्थ ब्लैडर पर अतिरिक्त भार डालते हैं, जिससे समय के साथ मूत्राशय की मांसपेशियां अपनी लचीलापन खोकर ढीली होने लगती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर की निष्कासन शक्ति को ‘अपान वायु’ नियंत्रित करती है। जब कोई व्यक्ति भोजन के बाद यूरिन को रोककर रखता है, तो यह वायु दूषित हो जाती है।

अपान वायु के बाधित होने से शरीर के अन्य महत्वपूर्ण फंक्शन जैसे कि महिलाओं में ओव्यूलेशन और मेंस्ट्रुअल साइकिल (मासिक धर्म) बुरी तरह प्रभावित होते हैं। टॉक्सिंस का शरीर में देर तक रुकना हार्मोनल इंबैलेंस का सबसे बड़ा कारण बनता है।

संक्रमण के नजरिए से देखें तो ब्लैडर और गर्भाशय (Uterus) की शारीरिक स्थिति एक-दूसरे के बेहद करीब होती है। ब्लैडर में जमा गंदगी न केवल यूटीआई का खतरा बढ़ाती है, बल्कि यह संक्रमण गर्भाशय तक भी फैल सकता है।

प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख है कि जो लोग भोजन के बाद पेशाब करते हैं, उन्हें पथरी (Kidney Stones) और मूत्र मार्ग की व्याधियों का सामना बहुत कम करना पड़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी, भोजन के बाद शरीर का पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है। इस समय यूरिन पास करने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का तनाव कम होता है।

स्वस्थ रहने के लिए दिन में तीन बार मुख्य भोजन के बाद इस आदत को अपनाना दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।


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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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