नई दिल्ली, 31 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली में देशभर के दिग्गज पत्रकारों का जमावड़ा लगा। मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति (MPKS) द्वारा कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान उत्तराखंड का मान बढ़ाते हुए राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों को भी यह सम्मान मिला। साथ ही, मंच से पत्रकारों के सुरक्षित भविष्य के लिए पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की पुरजोर वकालत की गई।
समारोह के दौरान पत्रकारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। रविन्द्र गुप्ता ने मीडियाकर्मियों की मौजूदा चुनौतियों को सामने रखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने मांग रखी कि वरिष्ठ पत्रकारों के लिए एक स्थायी पेंशन योजना लागू की जाए और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से बहाल हो।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में स्वामी दीपांकर जी महाराज, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश, इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक डॉ. वेद प्रकाश गुप्ता और भारत प्रकाशन के सीएमडी अरुण गोयल मौजूद रहे।
दिल्ली के अलावा ओडिशा के ए पी दास, गुजरात के लक्ष्मण पटेल, तमिलनाडु के पी. शानमुगलवेल और गुवाहाटी से प्रभात चंद्र शर्मा समेत कर्नाटक व असम से आए पत्रकारों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सम्मान समारोह में उत्तराखंड से ‘दैनिक एनकाउंटर समाचार’ के संपादक विकास गर्ग को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘बिग मोमेंटो’ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उनके अलावा अशोक संगीता बरूआ पिशारोची, न्यूज़ नेशन के अनिल यादव, जनसत्ता के अमलेश राजू व प्रतिभा शुक्ला, राष्ट्रीय सहारा के अमित कुमार व ज्ञान प्रकाश, द फर्स्ट विटनेस के कुमार राजीव रंजन सिंह, वीर अर्जुन के के.डी. पाठक, दैनिक जागरण के संतोष सिंह, जनसत्ता के प्रभात चंद शर्मा, मूकसत्ता के अशोक धवन और साहस समाचार के आलोक गौर जैसे वरिष्ठ पत्रकारों को भी यह सम्मान मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र तोमर, अनुज कंवल, आदित्य पटेल, आजाद सिंह भारद्वाज, डॉ. गीता पराशर और के.पी. गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई। समापन के अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और स्वामी दीपांकर महाराज ने साझा रूप से कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र का मूल आधार है। उन्होंने जोर दिया कि पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा करना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।









