नई दिल्ली (11 अक्टूबर) : मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के विरोध में राजधानी में हुए हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिसकर्मियों पर कथित हमले, सरकारी काम में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में नई दिल्ली जिले के विभिन्न थानों में 20 से ज्यादा एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।
रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दोबारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पूरी लुटियंस दिल्ली को सुरक्षा घेरे में लेकर 30 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है, जिससे नई और मध्य दिल्ली में आम लोगों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है।
राजधानी में कड़ा पहरा, तीस हजार सुरक्षाकर्मी मुस्तैद
रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने लुटियंस दिल्ली में कड़ा पहरा बैठा दिया है। नई दिल्ली जिले को 20 अलग-अलग सुरक्षा जोनों में बांटा गया है, जहां संयुक्त आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (DCP) और अतिरिक्त उपायुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभाले हुए हैं। अर्धसैनिक बलों की 120 से ज्यादा कंपनियों को संवेदनशील प्वाइंट्स पर तैनात किया गया है।
दिल्ली की सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। शहर के होटलों, गेस्ट हाउसों, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले मुसाफिरों का पुलिस सत्यापन तेज कर दिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पैनी नजर रख रही है ताकि प्रदर्शनकारियों को जुटने से पहले ही चिन्हित किया जा सके।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से गुजरने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT) और एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिरों को वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की हिदायत दी गई है।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और इस्तीफे की मांग
विवाद की मुख्य वजह चुनाव आयोग द्वारा चलाया जा रहा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम है। प्रदर्शनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य युवा संगठनों का आरोप है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई है।
शनिवार (10 अक्टूबर) को भी इन संगठनों ने भारी संख्या में जंतर-मंतर की ओर कूच करने का प्रयास किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मंजूरी न होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। सीजेपी के प्रवक्ताओं का दावा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों में भी यह आंदोलन जारी रखेंगे।
सीसीटीवी से उपद्रवियों की पहचान और ताबड़तोड़ एफआईआर
शनिवार को हुए उपद्रव और पुलिसकर्मियों से कथित हाथापाई को लेकर दिल्ली पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। कनॉट प्लेस, कर्तव्य पथ और बाराखंभा रोड सहित लुटियंस जोन के कई प्रमुख थानों में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों में सरकारी काम में रुकावट डालने, दंगा भड़काने की कोशिश और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। उपद्रव में शामिल चेहरों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और सुरक्षाबलों का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि बिना आधिकारिक अनुमति के प्रतिबंधित इलाकों में जुटने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











