ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

सावधान! बाजार में बिक रही हैं इन 10 बड़े ब्रांड्स की नकली दवाएं, ऐसे हुआ पर्दाफाश

दिल्ली पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 2 करोड़ रुपये की नकली जीवन रक्षक दवाएं बरामद की हैं और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुजफ्फरनगर में अवैध फैक्ट्री चलाकर नामी ब्रांड्स के नाम पर बीपी और डायबिटीज की फर्जी दवाएं देशभर में सप्लाई कर रहा था।

सावधान! बाजार में बिक रही हैं इन 10 बड़े ब्रांड्स की नकली दवाएं, ऐसे हुआ पर्दाफाश

HIGHLIGHTS

  • मुजफ्फरनगर में 1,000 वर्ग गज में फैली अवैध फैक्ट्री सील, 2,000 किलो कच्चा माल बरामद।
  • 50 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी इनवॉइस के जरिए होता था अवैध कमाई का लेन-देन।
  • भारी मात्रा में Telma-AM, Gluconorm और Ursocol जैसी प्रसिद्ध दवाओं के नकली वर्जन जब्त।

नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी दिल्ली में पुलिस की स्पेशल टीम ने एक ऐसे खौफनाक रैकेट को नेस्तनाबूद किया है जो मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें दवा के नाम पर ‘धीमा जहर’ बेच रहा था। शाहदरा इलाके से शुरू हुई इस जांच की आंच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर तक जा पहुंची, जहां पुलिस ने भारी मात्रा में कच्चा माल और मशीनें बरामद की हैं।

पुलिस ने इस मामले में निखिल अरोड़ा उर्फ सन्नी, शिवम त्यागी, मयंक अग्रवाल, मोहित कुमार शर्मा, शाहरुख और राहुल को गिरफ्तार किया है। निखिल अरोड़ा दिल्ली के मशहूर दवा बाजार भागीरथी पैलेस में थोक विक्रेता बनकर बैठा था, जबकि शिवम और मयंक यूपी से माल की सप्लाई सुनिश्चित करते थे। मोहित कुमार शर्मा इस चेन का उत्तराखंड में मुख्य कड़ी था, जो अवैध माल को खपाने का काम करता था।

शाहरुख और राहुल इस पूरे काले कारोबार के ‘फाइनेंशियल आर्किटेक्ट’ थे। इन्होंने दर्जनों फर्जी जीएसटी फर्में बना रखी थीं, जिनका इस्तेमाल केवल कागजों पर माल दिखाने और काले धन को सफेद करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया है कि इन शेल कंपनियों के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये के फर्जी बिल काटे गए ताकि पुलिस और टैक्स अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके।

11 मार्च को शाहदरा की बिहारी कॉलोनी में मारे गए छापे के दौरान पुलिस के हाथ जो लगा, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। मौके से 1.2 लाख से अधिक नकली टैबलेट और कैप्सूल बरामद हुए।

इनमें ब्लड प्रेशर की दवा Telma-AM, डायबिटीज के लिए Gluconorm, लिवर की दवा Ursocol-300 और गंभीर संक्रमण में काम आने वाली Rabemac-DSR जैसी दवाओं के हूबहू दिखने वाले नकली पैकेट शामिल थे। इसके अलावा Jalra-50, Signoflam और Chymoral Forte जैसी रोजमर्रा की दवाओं का भी जखीरा मिला है।

सप्लाई चेन की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस मुजफ्फरनगर के उस ठिकाने पर पहुंची जहां यह ‘मौत की फैक्ट्री’ चल रही थी। करीब 1,000 वर्ग गज में फैली इस अवैध यूनिट का मालिक मोहम्मद अकदस सिद्दीकी फिलहाल फरार है।

पुलिस ने वहां से टैबलेट बनाने वाली मशीनें, कोटिंग यूनिट्स, कैप्सूल भरने के उपकरण और करीब 10,000 खाली बोतलें जब्त की हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वहां नामी फार्मा कंपनियों के नकली लेबल और प्रिंटिंग सेट भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल दवाओं को असली लुक देने के लिए किया जाता था।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इन दवाओं में सक्रिय औषधीय तत्व (API) या तो बिल्कुल नहीं होते या बहुत कम मात्रा में होते हैं। बीपी और शुगर जैसी पुरानी बीमारियों के मरीज अगर इन दवाओं का सेवन करते हैं, तो उन्हें हार्ट अटैक, ऑर्गन फेल्योर या अचानक स्ट्रोक आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और फरार आरोपी सिद्दीकी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

Advertisement

Robin Verma

रॉबिन वर्मा 'दून हॉराइज़न' न्यूज़ नेटवर्क के एक अनुभवी और तेज-तर्रार पत्रकार हैं, जो विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को कवर करते हैं। डिजिटल जर्नलिज्म के इस दौर में रॉबिन की ग्राउंड रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों को आसान भाषा में समझाने की कला उन्हें एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। दिल्ली की राजनीतिक गलियारों की हलचल हो, क्राइम की खबरें हों, या आम जनता से जुड़े स्थानीय मुद्दे—रॉबिन यह सुनिश्चित करते हैं कि हर जरूरी खबर सबसे पहले और बिना किसी मिलावट के 'दून होराइजन' के पाठकों तक पहुंचे। तथ्यों की गहराई में जाकर बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता करना ही इनकी पहचान है।

Leave a Comment