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Kanwar Yatra 2026 : हो गया कांवड़ यात्रा का आगाज, रूट डायवर्जन लागू; सुरक्षा में 6 हजार से ज्यादा जवान तैनात

हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध 2026 की कांवड़ यात्रा का औपचारिक आगाज हो चुका है, जिसमें सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती भी की गई है।

Kanwar Yatra 2026 : हो गया कांवड़ यात्रा का आगाज, रूट डायवर्जन लागू; सुरक्षा में 6 हजार से ज्यादा जवान तैनात

HIGHLIGHTS

  • कांवड़ यात्रा के लिए 6000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
  • दिल्ली-दून हाईवे 12 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए बंद
  • मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन में बांटा गया
  • कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से अधिक न रखने की अपील

हरिद्वार, 30 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kanwar Yatra 2026 : धर्मनगरी हरिद्वार में शिव भक्तों की भारी भीड़ के बीच विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। विभिन्न राज्यों से गंगा जल लेने आने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।

सहारनपुर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर और अब्दुल कलाम चौक से होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचेंगे। यातायात का दबाव बढ़ने पर दिल्ली और मेरठ के वाहन भी इसी निर्धारित रूट से डायवर्ट किए जाएंगे।

उत्तरी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों की निकासी श्मशान घाट पुल और सिंहद्वार से सुनिश्चित की गई है। मुरादाबाद और नजीबाबाद की तरफ से आने वाले वाहन चिड़ियापुर और गैंडीखाता के रास्ते नीलधारा पार्किंग भेजे जाएंगे।

देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहन नेपाली तिराहा और सप्तऋषि तिराहा से होते हुए चमगादड़ टापू पहुंचेंगे। प्रसिद्ध दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे इस दौरान पूरी तरह से कांवड़ वाहनों के लिए प्रतिबंधित रहेगा।

पैदल कांवड़ियों की सुगम आवाजाही के लिए हरकी पैड़ी से रोडीबेलवाला रैंप और सिंहद्वार होते हुए विशेष मार्ग तय किए गए हैं। मुरादाबाद रूट के श्रद्धालु चंडी चौक और नहर पटरी के रास्ते आगे बढ़ेंगे।

दिल्ली-दून हाईवे और गंगनहर पटरी पर 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा। चार अगस्त की रात से इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर हर प्रकार के वाहनों का संचालन रोक दिया जाएगा।

रोडवेज और प्राइवेट बसों के लिए ऋषिकुल मैदान और बैरागी कैंप में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। बस चालकों को जाम से बचने के लिए केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा के वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं ताकि शिव भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। पिछले साल के रिकॉर्ड साढ़े चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

संपूर्ण मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटा गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6000 से अधिक पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान मुस्तैद हैं।

मेले की मॉनिटरिंग के लिए 10 ड्रोन कैमरे और आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा। हरकी पैड़ी के जीरो जोन में अधिकारियों के वाहनों के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है।

यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने के लिए इस बार विशेष साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। ये कमांडो भ्रामक और एआई जनरेटेड वीडियो की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्रवाई करेंगे।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने घाट क्षेत्र के भोजनालयों में स्टील के बर्तन उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने व्यापारियों से संवाद कर कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से कम रखने का आग्रह भी किया है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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