रुद्रप्रयाग, 30 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Kedarnath Yatra Landslide : केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार सुबह एक गंभीर हादसा टल गया। गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर पैदल मार्ग पर आ गिरे।
इस अचानक हुए भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए प्रशासन ने फौरन आवाजाही पर रोक लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही पलों में पहाड़ी से तेज गर्जना के साथ भारी पत्थर नीचे की तरफ आ रहे थे। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त उस क्षेत्र में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था।
जिला प्रशासन, डीडीआरएफ और तमाम संबंधित विभागों की टीमें सूचना मिलते ही तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। मार्ग से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
लगातार हो रही बारिश और ऊपर से अभी भी गिर रहे पत्थरों के कारण राहत कार्यों में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता मानते हुए किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गौरीकुंड गेट के आगे भारी भूस्खलन होने की वजह से पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध है। डीडीआरएफ की पूरी टीम मौके पर तैनात है और हालात की पल-पल की निगरानी की जा रही है।
मौसम के पूरी तरह सामान्य होने और मार्ग के सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा को दोबारा शुरू कराया जाएगा। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
बिना प्रशासनिक अनुमति के आगे बढ़ने का प्रयास करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। यात्रियों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने और अगले आदेश का इंतजार करने के लिए कहा गया है।
सोनप्रयाग के समीप पहाड़ी से लगातार बड़े बोल्डर गिरने के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है। पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्र में पूरी तरह मुस्तैद रहकर मोर्चा संभाले हुए हैं।













