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Salim Vastik : हरिद्वार कांवड़ लेने पहुंचे एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक, सात अगस्त को लौटेंगे गाजियाबाद

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 30 Jul 2026 01:24 PM IST

एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक समेत पांच लोगों ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ यात्रा के पहले दिन हवन किया जिस पर पंडितों ने आपत्ति जताई। इसके बाद विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें दूसरे आश्रम भेजा गया जहां वे सात अगस्त को गंगाजल लेकर गाजियाबाद लौटेंगे।

Salim Vastik : हरिद्वार कांवड़ लेने पहुंचे एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक, सात अगस्त को लौटेंगे गाजियाबाद

मुख्य बातें

  • सलीम वास्तिक पांच लोगों के साथ हरिद्वार पहुंचे।
  • रोड धर्मशाला में हवन पर समिति ने आपत्ति जताई।
  • पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
  • सात अगस्त को डासना पीठ में होगा जलाभिषेक।

हरिद्वार, 30 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Salim Vastik : साल 2026 की कांवड़ यात्रा के पहले ही दिन से धार्मिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। गाजियाबाद से पहुंचे स्वयं को एक्स मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक अपने पांच साथियों के साथ हरिद्वार पहुंचे हैं। उनके यहां पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर माहौल गर्मा गया और विभिन्न चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

सलीम वास्तिक अपने साथियों के साथ सीधे रोड धर्मशाला पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा की शुरुआत के रूप में हवन-यज्ञ करना शुरू कर दिया। उनके इस कृत्य को लेकर धर्मशाला समिति ने कड़ी आपत्ति जताई। समिति के विरोध जताते ही मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।

हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद तनाव को कम किया गया।

विवाद बढ़ने के कारण सलीम वास्तिक और उनके सभी साथी रोड धर्मशाला को छोड़कर किसी दूसरे अज्ञात आश्रम में चले गए। समूह के सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि वे अपना हवन-यज्ञ बीच में नहीं रोकेंगे और दूसरे ठिकाने पर इसे जारी रखेंगे।

इस समूह के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द स्थापित करना है। वे देश में अमन-चैन की कामना के साथ इस पवित्र यात्रा में शामिल हुए हैं।

तय कार्यक्रम के अनुसार यह पूरा समूह छह अगस्त तक दूसरे आश्रम में रहकर लगातार हवन-यज्ञ करेगा। इसके बाद सात अगस्त को हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल भरकर गाजियाबाद के लिए रवाना होगा।

गाजियाबाद पहुंचने के बाद यह सभी लोग डासना पीठ जाएंगे। वहां पहुंचकर भगवान शिव का पूरे विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया जाएगा। सलीम वास्तिक ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासन या स्थानीय स्तर पर तय किए गए स्थान पर यज्ञ करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसी वजह से उन्हें मजबूरन दूसरे आश्रम में शरण लेनी पड़ी और वहां यज्ञ जारी रखना पड़ा।

शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने पूरे घटनाक्रम पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर में शांति-व्यवस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के तहत पुलिस ने एहतियातन सलीम वास्तिक और उनके साथियों को सुरक्षित रूप से दूसरे आश्रम में भेज दिया।

इस पूरे समूह में शामिल अनीषा बानो ने अपनी व्यक्तिगत और संघर्षपूर्ण कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वह आज से ठीक दो साल पहले अपनी मर्जी से इस्लाम छोड़ चुकी हैं। वर्ष 2024 में उनके पति ने उन्हें तीन तलाक देकर कानूनी रूप से अलग कर दिया था। तलाक के बाद उनके पति ने उनके दोनों बच्चों को भी अपने पास ही रोक लिया। उन्हें अपने ही बच्चों से मिलने तक की अनुमति नहीं दी जाती है। अनीषा बानो ने भावुक होकर बताया कि वह सिर्फ अपने बच्चों की लंबी उम्र और सलामती की कामना के लिए इस कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं।

दूसरी ओर कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था और यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। बहादराबाद पुलिस ने बुधवार को कांवड़ मार्ग पर विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने रानीपुर झाल से लेकर बोंगला बाईपास तक सड़क के दोनों ओर फैली अस्थायी दुकानों को पूरी तरह हटवा दिया।

इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे हाईवे पर अफरातफरी और हड़कंप मच गया। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कांवड़ मार्ग पर दोबारा किसी ने अतिक्रमण किया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गैरोला ने इस अभियान के पीछे की वजह स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे अवैध रूप से लगी अस्थायी दुकानों के कारण हाईवे का दायरा काफी संकरा हो रहा था। संकरा रास्ता होने की वजह से कांवड़ियों की पैदल आवाजाही में भारी दिक्कत आ रही थी और लगातार सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी। पुलिस ने समय रहते इन कब्जों को हटवाकर यातायात को पूरी तरह सुचारू कर दिया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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