काशीपुर, 5 जून (दून हॉराइज़न)। उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में पुलिस और प्रशासन की टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक दफनाए गए शव को कब्र से बाहर निकाला है। यह कार्रवाई नैनीताल हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद की गई है। मृतक के पिता की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद अदालत ने शव का दोबारा परीक्षण सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज (एसटीएच) हल्द्वानी के मेडिकल पैनल से कराने के आदेश दिए हैं।
मामला काशीपुर के कटोराताल इलाके का है। यहां रहने वाले इमरान ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि बीते 16 मई को उनके बेटे का शव घर की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के समय फर्श और चादर पर खून फैला हुआ था और मृतक के कान के नीचे चोट के गहरे निशान थे।
शुरुआत में शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया गया था। लेकिन चोट के निशानों को देखते हुए परिजनों ने हत्या का शक जताया और मौत की असली वजह जानने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखा। अदालत ने शव को कब्र से निकालकर डॉक्टरों के एक पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने और उसकी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में एसडीएम अभय प्रताप सिंह और सीओ प्रशांत कुमार की मौजूदगी में शव निकालने की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर मौजूद रही। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया है। किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रशांत कुमार का कहना है कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जांच की दिशा तय करेगी। जांच एजेंसियों की निगाहें अब मेडिकल पैनल की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शव को परीक्षण के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। नैनीताल हाईकोर्ट इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 15 जून को करेगा, जिससे पहले यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जानी है। इस नई रिपोर्ट से युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।









