ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

घर में ऊंट की मूर्ति रखने से चमक सकती है किस्मत, जानें नौकरी और बिजनेस में इसका असर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Mon, 06 Jul 2026 12:28 PM IST

वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में ऊंट की मूर्ति को संघर्षों से लड़ने और करियर में स्थिरता लाने वाला सबसे शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। यदि इसे सही दिशा और नियमों के साथ घर में रखा जाए, तो यह न केवल आर्थिक तंगी दूर करती है बल्कि प्रोफेशनल लाइफ में प्रमोशन के रास्ते भी खोलती है।

Camel Statue Vastu Tips

मुख्य बातें

  • उत्तर-पश्चिम दिशा में ऊंट की मूर्ति रखने से सामाजिक संबंधों और करियर में जबरदस्त लाभ मिलता है।
  • अकेले के बजाय ऊंट का जोड़ा रखना अधिक शुभ, पीतल या तांबे की धातु को दी जाती है प्राथमिकता।
  • बेडरूम या किचन जैसी जगहों पर ऊंट की मूर्ति रखने से बचना चाहिए, वरना बढ़ सकती है मानसिक अशांति।

धर्म डेस्क, 08 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। जीवन की भागदौड़ और करियर के उतार-चढ़ाव के बीच अक्सर हम कड़ी मेहनत तो करते हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। वास्तु शास्त्र के अनुसार, (Camel Statue Vastu Tips) कई बार हमारे आसपास की ऊर्जा हमारे विकास को बाधित करती है।

ऐसे में ‘रेगिस्तान का जहाज’ कहे जाने वाला ऊंट आपकी डूबती नैया पार लगा सकता है। ऊंट को धैर्य, अटूट साहस और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर चलते रहने का प्रतीक माना जाता है।

करियर और व्यापार के लिए दिशा का गणित

वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंट की मूर्ति रखने के लिए सबसे सटीक स्थान घर की उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके संपर्कों, सहयोगियों और मिलने वाली मदद से होता है।

यदि आप इस दिशा में ऊंट स्थापित करते हैं, तो ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलने लगता है और व्यापार में नए क्लाइंट्स जुड़ने की संभावना बढ़ जाती है। यदि किसी कारणवश इस दिशा में स्थान न हो, तो आप इसे उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में भी रख सकते हैं।

इन विशेष स्थानों पर भूलकर भी न सजाएं

वास्तु के कड़े नियमों के अनुसार, ऊंट की मूर्ति की जगह का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। इसे कभी भी बेडरूम में न रखें, क्योंकि इससे वैवाहिक जीवन में अनचाहा तनाव पैदा हो सकता है।

इसी तरह बाथरूम के पास, सीढ़ियों के नीचे या रसोई घर में इसे रखना नकारात्मकता को न्योता देना है। सबसे जरूरी बात यह है कि ऊंट का चेहरा हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, जैसे कि वह सौभाग्य लेकर घर में प्रवेश कर रहा हो।

कैसी हो मूर्ति की बनावट और धातु?

बाजार में कई तरह की मूर्तियां उपलब्ध हैं, लेकिन वास्तु में पीतल (Brass) या तांबे (Copper) की मूर्ति को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धातु की मूर्ति ऊर्जा को तेजी से संचालित करती है।

यदि आप धातु की मूर्ति नहीं ले सकते, तो पत्थर या लकड़ी की मूर्ति भी विकल्प हो सकती है, लेकिन मिट्टी या प्लास्टर ऑफ पेरिस से बचना चाहिए। मूर्ति का आकार बहुत बड़ा या बहुत छोटा नहीं होना चाहिए; एक मध्यम आकार का शोपीस ऊर्जा संतुलन के लिए पर्याप्त है।

सफलता के लिए अपनाएं ये खास नियम:

जोड़े का महत्व: हमेशा ऊंट की मूर्ति जोड़े (Pair) में ही खरीदें। यह बिजनेस पार्टनरशिप और टीम वर्क में सामंजस्य बढ़ाता है।

साफ-सफाई: धूल जमी हुई या गंदी मूर्ति राहु के प्रभाव को बढ़ा सकती है। इसे नियमित रूप से साफ करें।

खंडित मूर्ति: अगर मूर्ति का कोई हिस्सा टूट जाए, तो उसे तुरंत हटा दें। टूटी हुई मूर्ति प्रगति में बाधक बनती है।

मानसिक शांति: जिन लोगों का मन काम में नहीं लगता या जो जल्दी हार मान लेते हैं, उनके लिए ऊंट की मूर्ति एकाग्रता और मनोबल बढ़ाने का काम करती है।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

Leave a Comment