Kumbh Mela 2027 : साल 2027 में होने वाले हरिद्वार अर्द्ध कुंभ मेले के लिए राज्य सरकार ने अपनी पूरी मशीनरी को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डामकोठी में आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तैयारियों की ग्राउंड रिपोर्ट परखी। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि इस विराट आयोजन से जुड़ा हर प्रोजेक्ट तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए।
उत्तराखंड सरकार ने अपने 2026-27 के वित्तीय बजट में इस महाआयोजन के लिए 1,000 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि आवंटित की है। प्रशासन का अनुमान है कि 2027 के कुंभ में करीब 17 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे। इतनी बड़ी भीड़ के सुगम प्रबंधन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से जुड़े किसी भी कार्य में धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
बैठक के दौरान ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर शासन स्तर पर फाइलों की तुरंत स्वीकृति के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात जैसी स्थायी प्रकृति की योजनाओं की गति बढ़ाने को कहा। अधिकारियों को आगामी चारधाम यात्रा, बारिश के मौसम और कांवड़ यात्रा के भारी दबाव को ध्यान में रखकर निर्माण कार्यों की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कुंभ मेले की सुरक्षा और निगरानी को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों से लैस एक ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खड़खड़ी व श्रीयंत्र पुल के निर्माण को जल्द वित्तीय मंजूरी दी जाएगी। ऋषिकेश और मुनिकीरेती सहित सभी कुंभ सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता और सीवरेज प्रबंधन पर विशेष फोकस रहेगा।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के डामकोठी अतिथिगृह के विस्तार का भी खाका तैयार करने को कहा है। इसके तहत मौजूदा भवन के पास ही एक नया और आकर्षक गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि फिलहाल 33 स्थायी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर के मार्गों को संवारने की योजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है।









