दून हॉराइज़न, उधम सिंह नगर/देहरादून (07 सितंबर): उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में बेरिया रोड स्थित लेवड़ा नदी पर बन रहे स्पान पुल के कारण रविवार को उपजा जनआक्रोश हिंसक झड़प में बदल गया।
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नदी का बहाव अवरुद्ध होने से करीब 150 घरों में पानी समा गया, जिसके बाद मौके पर पहुंचे लोनिवि (Public Works Department) के अपर सहायक अभियंता के साथ पूर्व दर्जाधारी भाजपा नेता और उनके समर्थकों द्वारा मारपीट करने व चेहरे पर मिट्टी पोतने की शर्मनाक घटना सामने आई। लापरवाही की इंतहा देखिए। पुल निर्माण के दौरान पानी की निकासी का कोई मुकम्मल बंदोबस्त नहीं था।
150 घरों में भरा गंदा पानी, सुबह 9 बजे से डटी रहीं एसडीएम
दरअसल, लेवड़ा नदी पर निर्माणाधीन स्पान पुल के डायवर्जन और मलबे के चलते नदी ओवरफ्लो हो गई। पानी सीधे इंद्रा कॉलोनी की घनी बस्ती में घुसने लगा। देखते ही देखते करीब 150 मकानों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया।
हालात की नजाकत को भांपते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप चौहान सुबह 9 बजे ही प्रशासनिक अमले के साथ ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए। अधिकारियों ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करवाया। स्थानीय बाशिंदों का गुस्सा सातवें आसमान पर था, क्योंकि जलभराव शुरू होने के घंटों बाद तक लोक निर्माण विभाग का कोई भी जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी मुआयना करने नहीं पहुंचा था।
दोपहर में पहुंचे एएई, आरोप-प्रत्यारोप के बीच पोती मिट्टी
दोपहर बाद जब लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता (AAE) मौके पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पूर्व दर्जा राज्यमंत्री व भाजपा नेता राजेश कुमार और उनके समर्थकों से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा नेता का दावा था कि विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण जनता तबाह हो रही है और इससे धामी सरकार की छवि पर बट्टा लग रहा है।
तकरार इतनी बढ़ गई कि भाजपा नेता और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर इंजीनियर को घेर लिया, उनसे हाथापाई की और सड़क से कीचड़ उठाकर उनके मुंह पर मल दिया। वहीं, दूसरे पक्ष का आरोप है कि इंजीनियर ने भी भाजपा नेता का कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीएम ने किसी तरह बीच-बचाव कर अभियंता को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला। बाजपुर कोतवाली के एसएसआई जसविंदर सिंह के मुताबिक, दोनों तरफ से लिखित तहरीर दी गई है और पुलिस मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
ठेकेदारों पर एफआईआर, मंगलवार से विकास कार्य ठप करने की चेतावनी
इधर, प्रशासन ने कार्य में आपराधिक स्तर की लापरवाही और पूर्व आदेशों की अवहेलना मानते हुए लोनिवि विभाग और संबंधित दो पुल ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है। एसडीएम ऋचा सिंह ने दो टूक कहा कि 150 से अधिक परिवारों का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन कानून हाथ में लेकर किसी सरकारी अधिकारी से मारपीट करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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उधर, हल्द्वानी में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने जिला कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक बुलाकर घटना पर तीखा आक्रोश जाहिर किया। संघ के जिला सचिव गणेश रौतेला ने कहा कि मौके पर निरीक्षण करने गए तकनीकी अधिकारी के साथ सरेआम दुर्व्यवहार कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया है। अभियंताओं ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 48 घंटे के भीतर नामजद आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो मंगलवार से पूरे जनपद में सभी सरकारी निर्माण व विकास कार्यों का पूर्ण कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा।










