नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम एक बार फिर जानलेवा रुख अख्तियार करने वाला है। अप्रैल (Weather Update) के पहले हफ्ते में शुरू हुआ तूफानी बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है क्योंकि एक नया और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि 7 और 8 अप्रैल को मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिलेगा। इस बदलाव का असर राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे 10 प्रमुख राज्यों पर पड़ेगा।
इस दौरान न केवल मध्यम से तीव्र बारिश होगी, बल्कि धूल भरी आंधी के साथ तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर सकता है।
दिल्ली-यूपी में फिर लौटेगी सिहरन
नई दिल्ली: देश की राजधानी में रविवार की ओलावृष्टि के बाद सोमवार को धूप की हल्की लुकाछिपी जरूर दिखी, लेकिन यह तूफान से पहले की शांति है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज शाम से ही दिल्ली का आसमान फिर काला पड़ना शुरू हो जाएगा और अगले दो दिनों तक तेज गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। लखनऊ समेत कानपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और झांसी जैसे जिलों में सोमवार को ही बारिश का येलो अलर्ट है।

विशेषकर बुंदेलखंड के महोबा, जालौन और हमीरपुर में बिजली गिरने (Lightning strike) की प्रबल संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओलावृष्टि
शिमला: हिमाचल प्रदेश में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटों में सराहन में 23.5 मिमी और धर्मशाला में 18.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
शिमला केंद्र ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
जयपुर: राजस्थान में 6 से 8 अप्रैल के बीच नया वेदर सिस्टम बीकानेर, जोधपुर और शेखावाटी बेल्ट को प्रभावित करेगा। यहां ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। उधर बिहार के पटना, गया और औरंगाबाद में भी बादलों का डेरा रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
बिहार और बंगाल में बढ़ेगी बेचैनी

पटना: बिहार के पश्चिमी और पूर्वी चंपारण समेत सीमावर्ती जिलों में सोमवार दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है। हालांकि पश्चिम बंगाल में 6 अप्रैल को उमस बढ़ने के आसार हैं, लेकिन दार्जीलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में 8 अप्रैल तक बारिश जारी रहेगी।
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह असामान्य मौसमी गतिविधि अरब सागर से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन का परिणाम है।
11 अप्रैल तक उत्तर भारत के राज्यों को इस अनिश्चित मौसम से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।











