गुवाहाटी, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। असम विधानसभा चुनाव के रण में अब मर्यादा की सीमाएं लांघी जा रही हैं, जहां सूबे के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और सबसे कम उम्र की उम्मीदवार कुंकी चौधरी के बीच ‘बीफ’ और ‘पाकिस्तानी नैरेटिव’ को लेकर सीधी जंग छिड़ गई है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम जातीय परिषद (AJP) की प्रत्याशी कुंकी चौधरी के परिवार पर तीखा हमला बोला। डिब्रूगढ़ में प्रचार के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुंकी की मां सुजाता गुरुंग चौधरी ने सोशल मीडिया पर बीफ खाते हुए तस्वीरें साझा की थीं। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह परिवार सार्वजनिक रूप से सनातनी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और देशविरोधी तत्वों का समर्थन करता है।
इधर, 27 साल की कुंकी चौधरी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि जो वीडियो और तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं, वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर बनाई गई हैं। कुंकी का सीधा आरोप है कि सत्ताधारी भाजपा उनके बढ़ते प्रभाव से डर गई है, इसलिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) से ‘एजुकेशन लीडरशिप’ में मास्टर डिग्री हासिल करने वाली कुंकी राजनीति में बिल्कुल नया चेहरा हैं। वह गुवाहाटी में शिक्षा से जुड़े कई ट्रस्ट संचालित करती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए एक वीडियो जारी किया और कहा कि उन्हें “घर-घर में मशहूर करने के लिए धन्यवाद”, लेकिन उनके परिवार पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं।
गुवाहाटी सेंट्रल सीट का मुकाबला अब बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां एक तरफ 27 साल की कुंकी हैं, तो दूसरी तरफ 70 साल के अनुभवी भाजपा नेता विजय कुमार गुप्ता। दिलचस्प बात यह है कि जहां कुंकी खुद को ‘Gen-Z’ की आवाज बता रही हैं, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी विजय गुप्ता ने हाल ही में बयान दिया कि “मैं भी Gen-Z हूं,” क्योंकि उनके अनुसार उम्र नहीं, बल्कि ऊर्जा मायने रखती है।
असम की सभी 126 सीटों पर इस बार 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले ‘बीफ’ जैसे ध्रुवीकरण वाले मुद्दों का गरमाना मतदाताओं के मूड को बदल सकता है। कुंकी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ फर्जी कंटेंट फैलाने वाले लोग सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय और भाजपा से जुड़े हैं। पुलिस अब इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है।










