देहरादून, 25 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।
NEET Paper Leak : उत्तरांचल प्रेस क्लब में आज राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने साझा प्रेस वार्ता बुलाई। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को ‘नेशनल ट्रामा एजेंसी’ करार दिया। नीट यूजी 2026 परीक्षा में हुई धांधली को लेकर उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में तपिश बढ़ गई है।
कांग्रेस ने साफ किया है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और युवा अपनी मेहनत की कमाई इस सड़ चुकी व्यवस्था में बर्बाद होते नहीं देख सकते।

नीट यूजी 2026 परीक्षा के बाद उपजे हालातों ने देश के करोड़ों परिवारों की उम्मीदों को तोड़कर रख दिया है। देहरादून की रहने वाली छात्रा रिया थापा समेत देश भर में 20 से अधिक छात्र इस मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा चुके हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद एक मीडिया इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इन मौतों के लिए उनकी व्यवस्था जिम्मेदार है। रंजीत रंजन ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि जब खुद मंत्री अपनी नाकामी कबूल कर चुके हैं, तो वे अब तक कुर्सी पर क्यों चिपके हुए हैं।
सरकारी तंत्र की नाकामी का आलम यह है कि पिछले 10 सालों में देश के भीतर 89 से ज्यादा बड़े पेपर लीक मामले सामने आ चुके हैं। आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2019 के बाद से ही नीट 2024 को छोड़कर करीब 64 बड़ी परीक्षाओं पर लीक के गंभीर आरोप लगे।

पूरे देश के 19 राज्यों में फैले इस भ्रष्टाचार के जाल के कारण कम से कम 6.5 करोड़ अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इनमें से 45 सरकारी भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं, जिनमें से 27 को या तो रद्द करना पड़ा या फिर उनकी तारीखें आगे बढ़ानी पड़ीं।
सीबीआई की तफ्तीश में यह बात साफ हो चुकी है कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक का मुख्य आरोपी और उसका स्रोत परीक्षा के अंदरूनी तंत्र से जुड़ा था। प्रीतम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि देश का सबसे युवा वर्ग आज खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से इस बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए इस सिस्टम को ‘रिजेक्शन सिस्टम’ साबित किया है, जहां हर 3000 अभ्यर्थियों में से सिर्फ एक आईएएस बन पाता है और 22 लाख नीट छात्रों का कुल खर्च ही 1.32 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
यह राशि केंद्र सरकार के कुल शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये के लगभग बराबर है। देश की पांच सबसे बड़ी परीक्षाओं एसएससी, यूपीएससी, आरआरबी, जेईई और नीट का संयुक्त खर्च भारत सरकार के कुल शिक्षा बजट से तीन गुना ज्यादा है।
कांग्रेस ने इस पूरे गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं। पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और पेपर लीक माफिया के साथ उनके संबंधों की जांच है। दूसरी मांग के तहत एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग प्रेस से लेकर वेंडर कॉन्ट्रैक्ट तक पूरी परीक्षा व्यवस्था का ओवरहॉल करने को कहा गया है। तीसरी मांग में हर साल के लिए एक तय परीक्षा और भर्ती कैलेंडर जारी करने की संस्तुति की गई है।
इस बड़े छात्र आंदोलन को जमीन पर उतारने के लिए 40 दिनों का पूरा खाका तैयार हो चुका है। आगामी 30 जून से देश के 28 शहरों में नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण कार्यक्रम शुरू होगा। जुलाई के महीने में लगातार कैंपस संपर्क और अंबेडकर संवाद के जरिए छात्रों को जोड़ा जाएगा।
इसके बाद 1 अगस्त 2026 को देश के सभी 28 प्रमुख शहरों में कलेक्टरेट का घेराव किया जाएगा। प्रथम चरण का समापन 9 अगस्त 2026 को ‘दिल्ली चलो’ नारे के साथ राजधानी में एक विशाल छात्र हुंकार के रूप में होगा।
प्रेस वार्ता के मंच से कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन का आधिकारिक पोस्टर भी लॉन्च किया। इस दौरान देहरादून के दो स्थानीय नीट अभ्यर्थी वर्णिता मौर्या और सिद्धार्थ सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए कांग्रेस ने मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 और आधिकारिक वेबसाइट http://www.chhatronkigoonj.in भी सार्वजनिक की है।
इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया और कार्यक्रम के मुख्य संयोजक सुमित्तर भुल्लर मुस्तैद दिखे। उनके साथ मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी भागीदारी की।
इसके अलावा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक नानक चंद, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी, महामंत्री सजल पालीवाल, गोदावरी थापली, प्रवक्ता अभिनव थापर और समन्वय समिति की संयोजक इशिता सेडा भी मौजूद रहीं।











