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कुंभ क्षेत्र में अब दिखेंगे ‘ग्रीन घाट’, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बदल जाएगी हरिद्वार की सूरत

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन अब 'ग्रीन घाट' कॉन्सेप्ट और AI आधारित निगरानी के साथ मेले को भव्य और सुगम बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

Kumbh Mela 2027 : कुंभ क्षेत्र में अब दिखेंगे 'ग्रीन घाट', बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बदल जाएगी हरिद्वार की सूरत

HIGHLIGHTS

  • NHAI को हरिद्वार बाईपास और दिल्ली राजमार्ग फ्लाइओवर कार्य में तेजी लाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा का आदेश।
  • बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए सभी घाटों पर आधुनिक रैंप और चेंजिंग रूम बनाना अनिवार्य।
  • कुंभ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का होगा इस्तेमाल।

हरिद्वार, 02 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। महाकुंभ 2027 (Kumbh Mela 2027) के आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार के संवेदनशील और निर्माणाधीन क्षेत्रों का सघन दौरा कर स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में ढिलाई या गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।

उन्होंने सीधे तौर पर एनएचएआई (NHAI) और कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि कुंभ शुरू होने से पहले बुनियादी ढांचे का काम हर हाल में पूरा होना चाहिए।

मुख्य सचिव ने अपने निरीक्षण की शुरुआत शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) और बैरागी कैंप से की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस बार कुंभ में ‘ग्रीन घाट’ का नया अनुभव श्रद्धालुओं को मिलना चाहिए।

इसके तहत घाटों पर कंक्रीट के बजाय हरियाली, फूलों की पट्टियां और सौंदर्यीकरण पर जोर रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने हर घाट पर रैंप, आधुनिक चेंजिंग रूम और प्रसाधन सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार करने को कहा है।

यातायात की बाधाओं को दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने पथरी रौ नदी पर बन रहे 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु और 90 मीटर स्पान के पुल का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि मानसून आने से पहले नदी तल से जुड़े सभी तकनीकी काम निपटा लिए जाएं ताकि बारिश के कारण प्रोजेक्ट में देरी न हो।

बहादराबाद-सिडकुल मार्ग के चौड़ीकरण को उन्होंने कुंभ के ट्रैफिक मैनेजमेंट की लाइफलाइन बताया और इसे प्राथमिकता पर पूरा करने का आदेश दिया।

हरिद्वार बाईपास और रिंग रोड परियोजना में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को साप्ताहिक लक्ष्य (Weekly Targets) निर्धारित करने और उसकी प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। दिल्ली राजमार्ग पर बन रहे फ्लाइओवर के काम को उन्होंने ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ की श्रेणी में रखा है।

जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि इस फ्लाइओवर की प्रगति का दैनिक ब्यौरा (Daily Status) लिया जाए ताकि कुंभ से पहले शहर को जाम मुक्त किया जा सके।

सुरक्षा के मोर्चे पर मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की बारीकियों को समझा। उन्होंने आधुनिक युग की चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा घेरे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लेटेस्ट आईटी टूल्स के एकीकरण पर जोर दिया।

बैरागी कैंप में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुनिश्चित किया कि मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल मिलता रहे। इस पूरे दौरे में शासन और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें विभागीय समन्वय मजबूत करने की सख्त हिदायत दी गई।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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