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उत्तराखंड में अब 60 साल पूरे होते ही खुद शुरू हो जाएगी वृद्धावस्था पेंशन, CM Dhami ने दिए सख्त निर्देश

CM Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में करीब 9.80 लाख लाभार्थियों के खातों में 145 करोड़ रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। सरकार ने 60 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को बिना आवेदन के सीधे वृद्धावस्था पेंशन योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं।

उत्तराखंड में अब 60 साल पूरे होते ही खुद शुरू हो जाएगी वृद्धावस्था पेंशन, CM Dhami ने दिए सख्त निर्देश

HIGHLIGHTS

  • 9.80 लाख लाभार्थियों को 145 करोड़ रुपये की पेंशन मिली।
  • 60 की उम्र पार करते ही स्वतः शुरू होगी पेंशन।
  • बाबू जगजीवन राम छात्रावास का निर्माण अक्टूबर तक पूरा होगा।
  • पेंशन राशि में राज्य सरकार का अंश 138 करोड़ है।

देहरादून, 8 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

CM Pushkar Singh Dhami : मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक कर 9,80,950 लाभार्थियों को पेंशन का सीधा भुगतान किया। मुख्यमंत्री आवास सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में वन क्लिक डीबीटी के जरिए जून 2026 महीने की पेंशन जारी की गई। लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 145 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हुई।

पेंशन की इस भारी-भरकम राशि में राज्य सरकार ने अधिकतम वित्तीय भार उठाया है। कुल 145 करोड़ 42 लाख रुपये में से उत्तराखंड सरकार का अंश करीब 138 करोड़ 40 लाख रुपये है। केंद्र सरकार की तरफ से इसमें 7 करोड़ 2 लाख रुपये का योगदान दिया गया है।

समाज कल्याण विभाग को वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। राज्य में अब 60 साल की उम्र पूरी करते ही पात्र नागरिक अपने आप वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाएंगे। अनावश्यक कागजी प्रक्रियाओं से बचने के लिए यह ऑटोमेटिक सिस्टम लागू किया जा रहा है।

योजनाओं की रूपरेखा और भविष्य की जरूरतें बैठक का मुख्य एजेंडा रहीं। अधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि सभी योजनाएं अगले 25 सालों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। सरकार अन्य राज्यों के लिए उत्तराखंड के सुशासन मॉडल को एक बेस्ट प्रैक्टिस का उदाहरण बनाना चाहती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों के लिए अक्टूबर 2026 की डेडलाइन तय कर दी गई है। बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास डोईवाला (देहरादून) और पाइनस (नैनीताल) का काम हर हाल में अक्टूबर तक खत्म करना होगा। सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में बन रहे बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास के लिए भी यही समयसीमा निर्धारित है।

ये छात्रावास अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च और विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए आवासीय सुविधाएं देने के लिए बनाए जा रहे हैं। योजना में केंद्र सरकार प्रति छात्र 3.25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देती है। बजट कम पड़ने पर राज्य सरकार अपनी तरफ से टॉप-अप राशि जोड़कर गुणवत्तापूर्ण छात्रावास सुनिश्चित करती है।

जून 2026 के पेंशन वितरण का विस्तृत श्रेणीवार आंकड़ा भी विभाग ने साझा किया है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सबसे अधिक 6,11,245 लाभार्थियों को 91.69 करोड़ रुपये दिए गए। विधवा पेंशन श्रेणी में 2,35,850 महिलाओं को 35.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

दिव्यांग पेंशन के तहत 88,787 पात्र नागरिकों के खातों में 13.32 करोड़ रुपये भेजे गए। किसान पेंशन योजना से जुड़े 27,207 लाभार्थियों को 3.26 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिली।

समाज के छोटे और बेहद कमजोर वर्गों तक भी सीधी मदद पहुंचाई गई है। परित्यक्ता पेंशन योजना में 8,258 महिलाओं को 99.10 लाख रुपये जारी हुए। भरण-पोषण अनुदान के रूप में 7,297 लोगों को 51.08 लाख रुपये की सहायता दी गई।

तीलू रौतेली पेंशन योजना के 2,179 लाभार्थियों को 26.15 लाख रुपये का भुगतान किया गया। राज्य के 127 बौना पेंशन लाभार्थियों को भी 1.52 लाख रुपये की सहायता राशि बैंक खातों में प्राप्त हुई।

वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों का सटीक इस्तेमाल योजनाओं के क्रियान्वयन की प्राथमिक शर्त है। सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है जिसे स्थायी और प्रभावी व्यवस्था के तहत सुरक्षित किया जा रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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