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बुजुर्गों की चांदी, इन बैंकों में 3 साल की FD पर मिल रहा 8% का ब्याज

पूंजी बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे बुजुर्गों के लिए बड़ी खबर है। कई प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को 3 साल की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8 फीसदी तक का भारी-भरकम ब्याज ऑफर कर रहे हैं। यह दर 3 करोड़ रुपये तक की जमा राशि पर उपलब्ध है। इसके साथ ही, नए टैक्स नियमों ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले बुजुर्गों को आयकर के दायरे से बाहर कर बड़ी राहत दी है।

बुजुर्गों की चांदी, इन बैंकों में 3 साल की FD पर मिल रहा 8% का ब्याज

HIGHLIGHTS

  • उत्कर्ष और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में 3 साल की FD पर मिल रहा सबसे ज्यादा 8% ब्याज।
  • नए टैक्स सिस्टम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर अब कोई टैक्स नहीं।
  • बैंक में 1 लाख रुपये से अधिक सालाना ब्याज होने पर कटेगा TDS, रिफंड का भी प्रावधान।
  • टैक्स देनदारी शून्य होने पर Form 15H जमा कर बुजुर्ग बचा सकते हैं अपना टीडीएस।

Senior Citizen FD Rates : वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का यह सबसे सटीक समय साबित हो रहा है, जहां सुरक्षा के साथ-साथ शानदार रिटर्न मिल रहा है। वर्तमान में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे संस्थान 3 साल की जमा पर 8% की दर से ब्याज दे रहे हैं। वहीं, उज्जीवन और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 7.6% से 7.7% तक का मुनाफा ऑफर कर रहे हैं। यह दरें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रखने का सबसे आकर्षक विकल्प बना रही हैं।

ब्याज दरों का पूरा गणित

बाजार में उपलब्ध विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों पर नजर डालें तो मुकाबला काफी दिलचस्प है। उत्कर्ष और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00% के साथ टॉप पर हैं, जबकि उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.70% और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.60% ब्याज दे रहे हैं। इसके अलावा इक्विटास (7.50%), स्लाइस (7.50%) और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (7.45%) भी प्रतिस्पर्धी दरें प्रदान कर रहे हैं। शिवालिक बैंक 7.25% और ईएसएएफ 6.50% की दर से ब्याज दे रहे हैं।

TDS और टैक्स का नया चक्रव्यूह

आयकर नियमों के अनुसार, यदि किसी एक बैंक में आपकी FD से मिलने वाला सालाना ब्याज 1 लाख रुपये की सीमा को पार करता है, तो बैंक अनिवार्य रूप से TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) काटते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि टीडीएस कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. सुरेश सुराना के मुताबिक, आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय इस राशि को कुल टैक्स में एडजस्ट किया जा सकता है या रिफंड के रूप में वापस लिया जा सकता है।

12 लाख तक आय पर राहत

वित्त वर्ष 2025-26 के नए टैक्स सिस्टम ने समीकरण बदल दिए हैं। सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली छूट के कारण अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले सीनियर सिटीजन्स को कोई आयकर नहीं देना होगा। पुराने टैक्स सिस्टम में यह सीमा 5 लाख रुपये तक सीमित थी। ऐसे में जिनकी कुल टैक्सेबल आय इस निर्धारित सीमा से कम है, वे Form 15H का उपयोग कर सकते हैं।

Form 15H: टैक्स बचाने का अचूक हथियार

बैंक को यह नहीं पता होता कि आपकी कुल सालाना आय कितनी है, इसलिए वे नियमों के तहत 1 लाख से अधिक ब्याज पर TDS काट लेते हैं। इससे बचने के लिए वरिष्ठ नागरिक Form 15H जमा कर सकते हैं। यह एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है, जो प्रमाणित करता है कि आपकी कुल टैक्स देनदारी शून्य है। समय पर यह फॉर्म जमा करने से बैंक ब्याज राशि से कटौती नहीं करेंगे और आपकी पूरी गाढ़ी कमाई आपके खाते में सुरक्षित रहेगी।


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Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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