नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। रिटायरमेंट फंड संस्था EPFO अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए निकासी की प्रक्रिया को पानी की तरह आसान बनाने की तैयारी में है। तकनीक को हथियार बनाकर संस्था ‘EPFO 3.0’ वर्जन लॉन्च कर रही है, जिसके बाद पीएफ का पैसा निकालने के लिए दफ्तरों या बाबूओं के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो जाएगी।
इस नए सिस्टम के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब कर्मचारी सीधे अपने यूपीआई (UPI) ऐप या एटीएम (ATM) कार्ड का उपयोग करके जरूरत के वक्त फंड निकाल सकेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि जून 2026 के मध्य तक इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतार दिया जाए। इस प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और तत्काल फंड ट्रांसफर है। इस सुविधा के शुरू होते ही पीएफ सदस्यों को अपना बैलेंस चेक करने के लिए भी भारी-भरकम लॉगिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा, बल्कि वे सीधे यूपीआई इंटरफेस पर ही अपना बैलेंस देख पाएंगे।

निकासी की लिमिट को लेकर भी सख्त गाइडलाइंस तैयार की जा रही हैं। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, कोई भी सदस्य अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का केवल 50 फीसदी हिस्सा ही एटीएम या यूपीआई के जरिए निकाल सकेगा। यह सीमा इसलिए तय की गई है ताकि कर्मचारियों की सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह खत्म न हो जाए। चर्चा यह भी है कि ईपीएफओ अपने मेंबर्स को विशेष डेबिट कार्ड जारी कर सकता है जो सीधे उनके पीएफ बैलेंस से लिंक होंगे।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) की शर्तों को सख्ती से पूरा करना होगा। आपके पास एक एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होना अनिवार्य है। साथ ही, आपका मोबाइल नंबर यूएएन से लिंक होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपका UAN अनिवार्य रूप से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता संख्या (IFSC कोड के साथ) से पूरी तरह एकीकृत हो।
सिस्टम को सुचारू बनाने के लिए ईपीएफओ ने बैंकिंग सेक्टर के साथ बड़ा गठबंधन किया है। वर्तमान में 32 प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों के साथ समझौता किया गया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि कंपनियां अब सीधे इन बैंकों के माध्यम से पीएफ का पैसा जमा कर सकेंगी, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी और क्लेम सेटलमेंट में लगने वाला समय घटकर कुछ घंटों या चंद दिनों का रह जाएगा।








