ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

देहरादून: महिला ने 8 साल के मासूम पर छोड़ा कुत्ता, बचाने आई बहन को नाली में धकेला

देहरादून के खुड़बुड़ा मोहल्ले में एक महिला पर गली में खेल रहे 8 साल के बच्चे पर कुत्ता छोड़ने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देहरादून: महिला ने 8 साल के मासूम पर छोड़ा कुत्ता, बचाने आई बहन को नाली में धकेला

HIGHLIGHTS

  • खुड़बुड़ा मोहल्ले में 8 वर्षीय मासूम पर कुत्ता छोड़ने का आरोप।
  • भाई को बचाने आई बहन से भी मारपीट, दोनों बच्चों का हुआ मेडिकल।
  • दूसरे पक्ष ने भी लगाया मारपीट का आरोप, पुलिस ने दर्ज की क्रॉस एफआईआर।
  • बिना पंजीकरण कुत्ते पालने पर देहरादून नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।

देहरादून, 4 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून के खुड़बुड़ा इलाके में कुत्तों को लेकर पड़ोसियों का विवाद थाने तक पहुंच गया है। आरोप है कि गली में खेल रहे एक आठ साल के मासूम पर पड़ोस में रहने वाली महिला ने अपना कुत्ता छोड़ दिया। दहशत में आए बच्चे को बचाने जब उसकी बहन पहुंची, तो उसके साथ भी मारपीट की गई। शहर कोतवाली पुलिस ने इस घटना में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है।

शहर कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत में अशोक सहगल ने बताया कि एक जून की सुबह उनका आठ वर्षीय बेटा अविरल सहगल घर के बाहर गली में खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस की नीलम श्रीवास्तव ने बच्चे पर अपना कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ता झपटा तो अविरल की बड़ी बहन तनु उसे बचाने दौड़ी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, नीलम ने दोनों बच्चों को नाली में धक्का दे दिया और तनु के साथ मारपीट की। आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। हमले में घायल दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।

इस मामले में दूसरे पक्ष की नीलम श्रीवास्तव ने भी पुलिस को तहरीर दी है। उनका आरोप है कि अशोक सहगल, उनकी पत्नी सुनैना सहगल और बेटी तनु ने उनके साथ मारपीट की। शहर कोतवाली प्रभारी हरिओम राज चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

शिकायतों की अनदेखी और ‘डॉग पॉलिसी’ पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला के पास कई खूंखार कुत्ते हैं, जिनसे गली के बच्चे हमेशा दहशत में रहते हैं। स्थानीय बच्चे अब इस घर के सामने से गुजरने में भी डरते हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि इसकी शिकायत पहले भी सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम में की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

देहरादून नगर निगम की नई डॉग पॉलिसी के तहत कुत्तों का पंजीकरण, सार्वजनिक स्थानों पर पट्टा बांधना और खुले में खाना खिलाने पर जुर्माने का प्रावधान है। निगम के शुरुआती इनपुट के मुताबिक, आरोपी महिला की ओर से कुत्तों का कोई पंजीकरण नहीं कराया गया है।

सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी पूर्व में स्पष्ट कर चुका है कि बिना डर के जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद धरातल पर निगम की निगरानी न होने से स्थानीय लोगों में रोष है।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment