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Pauri Garhwal : पौड़ी के थलीसैंण में बेटे ने पूर्व फौजी पिता को दिया जहर, खुद भी पीकर दी जान

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 21 Aug 2026 03:29 PM IST

पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण ब्लॉक अंतर्गत मरोड़ा गांव में पैसों के विवाद के बाद 53 वर्षीय बेटे ने अपने 85 वर्षीय पूर्व फौजी पिता को कीटनाशक पिलाकर खुद भी जहर खा लिया। अस्पताल ले जाते समय बेटे ने दम तोड़ दिया जबकि बुजुर्ग पिता की मौके पर ही मौत हो गई।

Son poisons ex-serviceman father and drinks pesticide in Pauri Garhwal, both dead

मुख्य बातें

  • थलीसैंण के मरोड़ा गांव में पिता-पुत्र की मौत
  • 85 वर्षीय रिटायर्ड फौजी बख्तावर सिंह की हत्या
  • 53 वर्षीय बेटे बिगारी सिंह ने खुद पिया जहर
  • पुलिस ने मौके से कीटनाशक की शीशी जब्त की

दून हॉराइज़न, पौड़ी (21 अगस्त 2026): पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लॉक स्थित मरोड़ा गांव में पैसों के घरेलू विवाद ने दो जिंदगियां लील लीं। 53 वर्षीय बिगारी सिंह ने अपने 85 वर्षीय पिता बख्तावर सिंह को कीटनाशक पिला दिया। पिता की हालत बिगड़ते देख बिगारी घबरा गया और उसने खुद भी बची हुई कीटनाशक की दवा गटक ली।

वारदात बुधवार देर रात की है। बुजुर्ग बख्तावर सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे और उन्हें हर महीने पेंशन मिलती थी। बिगारी सिंह गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी और दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। पैसों के लेनदेन और खर्च को लेकर दोनों के बीच आए दिन तीखी तकरार होती रहती थी।

थाना थलीसैंण के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नेगी ने मामले की पुष्टि की है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बुधवार रात को भी पैसों की बात पर दोनों के बीच भारी झगड़ा हुआ था। तैश में आकर बिगारी ने घर में रखी कीटनाशक की शीशी उठाई और जबरन पिता को पिला दी।

बुजुर्ग पिता ने घर के भीतर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। पिता को अचेत और बेजान पड़ा देख बिगारी को अहसास हुआ कि वह कानून के शिकंजे में फंस जाएगा। इसी घबराहट में उसने उसी शीशी में बचा हुआ जहर खुद भी पी लिया।

गांव वालों को जब घटना की भनक लगी तो वे बिगारी सिंह को गंभीर हालत में थलीसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बिगारी की नब्ज थम गई।

थलीसैंण अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रवि सैनी ने परीक्षण के बाद बिगारी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि जहर शरीर में बहुत तेजी से फैल चुका था, जिससे अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज की सांसें थम चुकी थीं।

पुलिस टीम ने मरोड़ा गांव स्थित घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। कमरे से कीटनाशक की खाली शीशी और उल्टी के नमूने सील कर जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि परिवार पहले से कई मुश्किलों से जूझ रहा था। बख्तावर सिंह की पत्नी की करीब एक साल पहले ही बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी। पत्नी के जाने के बाद से बुजुर्ग पिता अकेले पड़ गए थे और बेटे के साथ उनका तालमेल लगातार बिगड़ रहा था।

बिगारी सिंह के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। चारों बच्चों की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने परिवारों में व्यस्त हैं। बिगारी के बेटे मोहन सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घर में पिता और दादा के बीच पैसों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन बात इस हद तक पहुंच जाएगी इसका किसी को अंदेशा नहीं था।

थलीसैंण थाना पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पूरे मामले की छानबीन जारी है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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