दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (12 सितंबर) : मानसून की ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से रविवार को उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD Weather Forecast) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दूसरी ओर पश्चिमी भारत के गुजरात में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर: बादलों का डेरा, उमस से राहत
राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के इलाकों में रविवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। सुबह से लेकर दोपहर के बीच कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ने के आसार हैं।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो सकता है, जो इस सीजन के सामान्य औसत से तकरीबन 2 से 3 डिग्री कम रहेगा। रात का न्यूनतम पारा 25 से 27 डिग्री के आसपास टिकने की उम्मीद है। 12 सितंबर को हुई हल्की फुहारों के बाद हवा में नमी बरकरार है, जिससे धूप की तपिश महसूस नहीं होगी।
यूपी-बिहार: 16 सितंबर से बदलेगा मिजाज
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में 13 सितंबर को गरज-चमक के साथ रुक-रुककर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रह सकती है। फिलहाल राज्य में किसी व्यापक जलभराव या भारी तबाही वाली बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय मौसमी बदलावों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार का रुख थोड़ा अलग है। यहां 13 से 15 सितंबर तक सीमित दायरे में ही बूंदाबांदी और हल्की बौछारें पड़ेंगी। असली बदलाव 16 से 18 सितंबर के दौरान देखने को मिलेगा, जब बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
पहाड़ों पर सावधानी, गुजरात और राजस्थान में तेज बौछारें
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में करीब 9 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है, और रविवार को भी पर्वतीय इलाकों में गरज-चमक की संभावना है।
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में 14 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है।
मैदानी और पश्चिमी छोर की बात करें तो पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को कई जगह भारी बारिश का अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्से अपेक्षाकृत शुष्क रहेंगे।

गुजरात में अरब सागर से उठने वाली मानसूनी हवाओं के जोर पकड़ने के कारण रविवार को मूसलाधार बारिश का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है।













