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देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक पर बड़ा एक्शन, 550 दुकानों के कटे चालान

देहरादून नगर निगम के 100 वार्डों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। 550 प्रतिष्ठानों के चालान कर वसूला 1.96 लाख जुर्माना, 532 किलो माल जब्त।

Published On: September 13, 2026 7:07 PM
Dehradun single use plastic ban

HIGHLIGHTS

  • 50 सेक्टर अधिकारियों ने शहरभर में 1776 दुकानों पर मारा छापा।
  • 532 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर मौके पर ही नष्ट किया गया।
  • 550 दुकानों के कटे चालान, वसूला गया 1.96 लाख रुपये जुर्माना।
  • नगर निगम के सभी 100 वार्डों में निगरानी टीमें लगातार तैनात रहेंगी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (13 सितंबर): राजधानी की सड़कों और बाजारों में प्रतिबंधित पॉलिथीन खपाने वाले कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह शिकंजा कस दिया है। नगर निगम के पूरे 100 वार्डों में एक साथ शुरू हुई इस ताबड़तोड़ धरपकड़ से शहरभर की मंडियों और खुदरा दुकानों में हड़कंप मच गया। सिर्फ कागजी चेतावनियों तक सीमित रहने के बजाय प्रशासनिक अमला इस बार तराजू, पन्नी और गोदामों की सीधी तलाशी ले रहा है।

50 सेक्टर अफसरों की फौज मैदान में, 1776 दुकानों की ली गई तलाशी

मंडी से लेकर रिहायशी इलाकों के किराना स्टोर तक, जांच दल किसी को भी छूट देने के मूड में नहीं दिखा। इस अभियान को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर 50 विशेष सेक्टर अधिकारियों को सड़क पर उतारा गया। इन टीमों ने अब तक शहर के कुल 1,776 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक मुआयना किया।

पड़ताल के दौरान 762 दुकानों और गोदामों में सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) का स्टॉक या प्रत्यक्ष लेन-देन पकड़ा गया। अधिकारियों ने बिना किसी रियायत के 550 व्यापारियों के मौके पर ही चालान काट दिए। इस पूरी कार्रवाई में राजकोष में 1.96 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया गया है।

कार्रवाई के दौरान कई जगह व्यापारियों ने शुरुआती बहस करने की कोशिश की, मगर मजिस्ट्रेट और निगम प्रवर्तन दल की संयुक्त मौजूदगी के आगे किसी की एक न चली।

532 किलोग्राम कचरा जब्त, शहर के डंपिंग पॉइंट तक नहीं पहुंचेगा जहर

जांच दस्तों ने दुकानों के काउंटर और पिछले कमरों में छिपाकर रखी गई करीब 532 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री अपने कब्जे में लेकर नष्ट करवा दी। यह केवल चालान काटकर राजस्व बटोरने का रूटीन चक्कर नहीं है। रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों के मुहाने पर बसे दून शहर के लिए यह प्लास्टिक ड्रेनेज चोक करने और बरसाती जलभराव की सबसे बड़ी वजह बनता रहा है।

केंद्रीय प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (PWM Rules) के तहत 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पॉलीथिन कैरी बैग, प्लास्टिक कटलरी और थर्माकोल के गैर-जरूरी इस्तेमाल पर पूरे राज्य में कानूनी पाबंदी है। बावजूद इसके, थोक सप्लाई की चोर गलियों से यह माल स्थानीय बाजारों तक पहुंच रहा था।

सिर्फ चालान समाधान नहीं, कपड़े के थैलों की ओर लौटना होगा

सख्त पहरे के बीच प्रशासन अब व्यापार मंडलों के साथ तालमेल बिठाकर वैकल्पिक पैकिंग मटीरियल को बढ़ावा देने की तैयारी में भी है। पलटन बाजार, धामावाला और हनुमान चौक जैसे सघन व्यापारिक केंद्रों में जहां कचरे का दबाव सबसे ज्यादा रहता है, वहां गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से कपड़े व जूट के थैलों के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक बाजार से प्लास्टिक का आखिरी टुकड़ा गायब नहीं हो जाता, तब तक यह औचक छापेमारी जारी रहेगी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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