देहरादून। देहरादून में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण के बीच चल रही बहस में एक नया मोड़ आ गया है। कैंट मार्ग (Dehradun Cantt Road tree cutting PWD) के चौड़ीकरण को लेकर शहर में फैल रही पेड़ों की कटाई की खबरों का लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पूरी तरह से खंडन किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि सड़क चौड़ीकरण के इस पूरे प्रोजेक्ट में एक भी पेड़ पर कुल्हाड़ी नहीं चलेगी।
बीते रविवार (1 मार्च) को ‘सिटिजन फॉर ग्रीन दून’ के बैनर तले पर्यावरण प्रेमियों ने कैंट मार्ग पर “वादा याद दिलाओ” और “अब नहीं कटने देंगे एक भी पेड़” के नारों के साथ एक बड़ी जागरूकता रैली निकाली थी। इस रैली के बाद कई समाचार पत्रों में पेड़ों के कटान की आशंका जताते हुए खबरें प्रकाशित हुईं। इसके तुरंत बाद PWD हरकत में आया और सोमवार को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया।
कार्यस्थल पर पहुंचे उच्चाधिकारी, दिए सख्त निर्देश
भ्रामक खबरों का संज्ञान लेते हुए PWD के नवम् वृत्त (देहरादून) के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्यस्थल का गहनता से निरीक्षण किया। वहां मौजूद ठेकेदारों और इंजीनियरों को दो टूक हिदायत दी गई है कि स्वीकृत कार्ययोजना के अनुसार काम होना चाहिए और किसी भी पेड़ की एक टहनी को भी नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
विभाग ने जनता को जानकारी दी है कि पहले चरण में सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक मार्ग के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके साथ ही, दूसरे चरण में दिलाराम चौक से सालावाला पुल तक की सड़क चौड़ी करने की योजना प्रस्तावित है। दोनों ही चरणों के लिए विभाग ने स्पष्ट किया है कि काम बिना वृक्षों को क्षति पहुंचाए ही किया जाएगा।
दरअसल, दून घाटी का इकोलॉजी सिस्टम पिछले कुछ सालों में तेजी से हुए शहरीकरण के कारण काफी संवेदनशील हो चुका है। इससे पहले भी सहस्त्रधारा रोड चौड़ीकरण जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में हजारों पेड़ों के कटान को लेकर ‘सिटिजन फॉर ग्रीन दून’ समेत कई संस्थाओं ने कड़ा कानूनी और जमीनी विरोध किया था। यही वजह है कि अब स्थानीय प्रशासन और PWD किसी भी नए निर्माण कार्य में पर्यावरण संस्थाओं की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं।

विभाग का कहना है कि कैंट मार्ग के चौड़ीकरण का डिजाइन ही इस तरह से तैयार किया गया है कि पेड़ों को सड़क के अलाइनमेंट से सुरक्षित रखा जा सके। लोक निर्माण विभाग ने आश्वस्त किया है कि वह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।









