बिश्वनाथ चारियाली, 5 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। असम विधानसभा चुनाव के रण में उतरे राहुल गांधी ने आज मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें सीधे जेल भेजने की चेतावनी दे दी है। बिश्वनाथ चारियाली की जनसभा में राहुल ने दो टूक कहा कि हिमंत भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं और सत्ता परिवर्तन होते ही उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने जनसभा में मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मन में अपनी हार का डर बैठ गया है, जो उनकी बयानबाजी में साफ झलकता है। राहुल ने तंज कसते हुए कहा, “जिस तरह हिरण शेर से डरता है, ठीक उसी तरह हिमंत सरमा हमारे बब्बर शेर गौरव गोगोई से डरते हैं।”
उन्होंने दावा किया कि गौरव गोगोई के खौफ की वजह से मुख्यमंत्री रात भर सो नहीं पा रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि कांग्रेस की सरकार आने पर उन्हें असम की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी होगी।

भ्रष्टाचार के आरोपों को विस्तार देते हुए राहुल गांधी ने ‘लैंड एटीएम’ का नया नैरेटिव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर मुख्यमंत्री ने राज्य की कीमती जमीनें छीनकर बड़े उद्योगपतियों को सौंप दी हैं। राहुल के मुताबिक, करीब 98,400 बीघा जमीन तीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को दी गई है, जो भाजपा की फंडिंग मशीन के तौर पर काम कर रहे हैं।
राहुल ने रिमोट कंट्रोल की राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि असम की सरकार गुवाहाटी से नहीं, बल्कि दिल्ली से अमित शाह चला रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं और मोदी-शाह मिलकर असम के मुख्यमंत्री को। राहुल ने जनता से अपील की कि पिछले 10 सालों में असम की संस्कृति और भाईचारे को जो चोट पहुंचाई गई है, उसका हिसाब लेने का समय अब आ गया है।
नफरत की राजनीति पर बात करते हुए राहुल गांधी ने प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह जुबीन गर्ग ने पूरी जिंदगी असम को जोड़ने का काम किया, कांग्रेस की विचारधारा भी वैसी ही है—नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलना। उन्होंने चेतावनी दी कि एक बार जांच शुरू होने पर हिमंत बिस्वा सरमा को माफी मांगने पर भी नहीं बख्शा जाएगा और उन्हें कम से कम 10 से 15 साल सलाखों के पीछे गुजारने होंगे।









