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Sawan Belpatra Niyam : सावन सोमवार पर बेलपत्र चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये गलती, जानें खास नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Sat, 15 Aug 2026 09:45 AM IST

सावन का सोमवार व्रत भगवान शिव की आराधना और मानसिक शांति के लिए विशेष माना जाता है। इस व्रत में पूजा के सही तरीके और बेलपत्र तोड़ने से जुड़े नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।

Sawan Belpatra Niyam

Sawan Belpatra Niyam : सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है।

इस दौरान पड़ने वाले सोमवार के दिन व्रत रखने और शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मन शांत रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

अगर आप पूरे साल सोमवार का व्रत नहीं रख पाते हैं, तो सावन के सभी सोमवार का व्रत रखकर भी पूरे साल की पूजा का पुण्य प्राप्त किया जा सकता है।

सावन सोमवार व्रत रखने से क्या लाभ होते हैं?

शिव पुराण के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत करने से व्यक्ति को आत्मिक बल और धैर्य मिलता है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

विवाह से जुड़ी अड़चनें दूर होना: अविवाहित लोगों को मनचाहा और योग्य जीवनसाथी मिलने की मान्यता है।

दांपत्य जीवन में सुख: शादीशुदा लोगों के रिश्तों में आपसी समझ और सामंजस्य बढ़ता है।

कार्यक्षेत्र में सफलता: मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, जिससे कामकाज और करियर में आने वाली बाधाएं कम होती हैं।

मानसिक और आध्यात्मिक शांति: व्रत और ध्यान करने से मन के तनाव दूर होते हैं और आत्म-संयम विकसित होता है।

बेलपत्र से जुड़ा खास नियम: व्रत वाले दिन न करें यह भूल

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का बहुत अधिक महत्व है, लेकिन इसे तोड़ते समय एक विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

महत्वपूर्ण नियम

शिव पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति सावन सोमवार या सोलह सोमवार का व्रत रखते हैं, उन्हें सोमवार के दिन स्वयं पेड़ से बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।

सही तरीका: पूजा के लिए बेलपत्र एक दिन पहले यानी रविवार को ही तोड़कर रख लें।

दूसरा विकल्प: अगर पहले बेलपत्र नहीं तोड़ पाए हैं, तो परिवार के किसी ऐसे सदस्य से तुड़वा लें जिनका उस दिन व्रत न हो।

17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार: बन रहा खास संयोग

इस साल 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार है और इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। यह संयोग शिव पूजा के लिए बेहद फलदायी माना जा रहा है।

विवाह या करियर से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए इस दिन विशेष रूप से पूजा की जा सकती है।

कैसे करें पूजन?

सुबह और शाम जलाभिषेक: सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें। शाम को भी शिवजी के समक्ष दीपक जलाएं।

21 बेलपत्र अर्पित करें: भगवान शिव को स्वच्छ और बिना कटे-फटे 21 बेलपत्र चढ़ाएं।

फलों का दान: पूजा के बाद जरूरतमंदों को मौसमी फलों का दान करना शुभ माना जाता है।

सावन के सोमवार का व्रत पूरे समर्पण और सादगी के साथ किया जाए, तो यह जीवन में शांति और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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