नई दिल्ली (30 अक्टूबर) : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के ताजा आंकड़ों ने देश के टेलीकॉम सेक्टर में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने ला दिया है। बाजार में स्मार्ट मीटर और पीओएस जैसी मशीनों में इस्तेमाल होने वाले ‘मशीन-टू-मशीन’ (M2M) कनेक्शन हटाकर देखें, तो रिलायंस जियो ने सितंबर में एयरटेल के मुकाबले करीब 10 गुना ज्यादा असली यानी कोर मोबाइल ग्राहक जोड़े हैं।
ब्रोकरेज फर्म DAM Capital और IIFL Capital की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में जहां जियो के 19 लाख कोर मोबाइल यूजर्स बढ़े, वहीं एयरटेल सिर्फ 2 लाख नए ग्राहक ही जोड़ सकी। इतना ही नहीं, असली एक्टिव ग्राहकों की दौड़ में भी एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को भारी झटका लगा है, जबकि जियो ने अकेले दम पर पूरे बाजार को रफ्तार दी है।
एक्टिव यूजर्स में जियो की छलांग, एयरटेल को झटका
दूरसंचार बाजार में असली मुकाबला सिर्फ सिम कार्ड बेचने का नहीं, बल्कि उन्हें एक्टिव रखने का होता है। DAM Capital के विश्लेषण के अनुसार, सितंबर महीने में जब M2M कनेक्शन हटाकर गणना की गई, तो जियो के एक्टिव ग्राहकों की संख्या में 13 लाख का जोरदार इजाफा देखा गया। इसके उलट देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भारती एयरटेल के खाते से 2 लाख एक्टिव यूजर्स कम हो गए। भारी वित्तीय दबाव से जूझ रही वोडाफोन आइडिया (Vi) को भी झटका लगा और उसके 3 लाख एक्टिव ग्राहक घट गए। इसका सीधा असर यह हुआ कि देशभर में सक्रिय ग्राहकों की संख्या में दर्ज हुई 6 लाख की शुद्ध बढ़ोतरी पूरी तरह जियो के दम पर आई। अगर जियो यह बढ़त न बनाता, तो पूरे देश में एक्टिव ग्राहकों का ग्राफ सीधे गिरावट की ओर चला जाता।
मशीन सिम हटाते ही सामने आई असली जमीनी हकीकत
अक्सर टेलीकॉम कंपनियां बिजली मीटर, गाड़ियों के ट्रैकिंग सिस्टम और स्वाइप मशीनों में लगने वाली M2M सिम को भी कुल आंकड़ों में जोड़कर बड़ा आधार दिखाती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इससे आम उपभोक्ताओं की वास्तविक पसंद का सही अंदाजा नहीं लग पाता। सितंबर के महीने में देश में कुल 22 लाख नए कोर मोबाइल ग्राहक जुड़े, लेकिन इनमें से 86 फीसदी हिस्सेदारी यानी 19 लाख ग्राहक अकेले जियो के खाते में गए। दूरसंचार विश्लेषकों के मुताबिक, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद निवेशकों की नजरें कंपनियों के रेवेन्यू और एक्टिव यूजर बेस पर टिकी हैं।
ऐसे समय में एयरटेल और वोडाफोन का एक्टिव यूजर बेस गिरना यह साफ संकेत देता है कि मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले आम उपभोक्ता डेटा और कॉलिंग की जरूरतों के लिए जियो के नेटवर्क पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
51 करोड़ ग्राहकों के साथ जियो का भारी दबदबा
ट्राई के कुल मोबाइल ग्राहक आंकड़ों पर नजर डालें तो रिलायंस जियो की बादशाहत लगातार बरकरार है। सितंबर के अंत तक जियो का कुल ग्राहक आधार बढ़कर 51.11 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि एयरटेल 49.43 करोड़ ग्राहकों के साथ दूसरे नंबर पर बनी हुई है। वहीं तीसरे पायदान पर मौजूद वोडाफोन आइडिया के पास 20.01 करोड़ ग्राहक हैं, जबकि सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) 9.43 करोड़ ग्राहकों के साथ चौथे स्थान पर टिकी है। इन कुल आंकड़ों में मशीन कनेक्शन भी शामिल हैं।
टेलीकॉम जानकारों का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) में तभी मजबूती आएगी जब वे एक्टिव ग्राहकों को साधे रखेंगी। अगर एयरटेल और वीआई के एक्टिव ग्राहकों में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के मार्केट शेयर पर गंभीर दबाव देखने को मिल सकता है।




