मैंचेस्टर, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का जलवा 43 साल की उम्र में भी काउंटी क्रिकेट के मैदानों पर कम नहीं हुआ है। लंकाशर और नॉर्थैम्प्टनशर के बीच जारी रेड बॉल मुकाबले में लंकाशर के कप्तान एंडरसन ने अपनी स्विंग का ऐसा जाल बुना कि विपक्षी टीम के पास इसका कोई जवाब नहीं था।
एंडरसन ने मैच के दूसरे दिन 4 अप्रैल को घातक गेंदबाजी करते हुए 13 ओवर के स्पेल में 64 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। उनकी इस गेंदबाजी की बदौलत लंकाशर ने मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। पहली पारी में लंकाशर के 384 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी नॉर्थैम्प्टनशर की टीम दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 215 रनों पर 9 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही है।
इस स्पेल की सबसे बड़ी चर्चा उस विकेट की हो रही है जिसने एंडरसन की लंबी उम्र और निरंतरता को साबित कर दिया है। एंडरसन ने नॉर्थैम्प्टनशर के बल्लेबाज जेम्स सेल्स को मात्र 2 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। दिलचस्प बात यह है कि जेम्स सेल्स के पिता डेविड सेल्स को भी एंडरसन ने साल 2005 में आउट किया था।
क्रिकेट के गलियारों में यह संयोग दुर्लभ है कि एक ही गेंदबाज दो अलग-अलग पीढ़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखाए। ठीक 21 साल पहले एंडरसन ने डेविड सेल्स को अपनी गति और स्विंग से छकाया था और अब 2026 में उन्होंने उनके बेटे जेम्स का शिकार किया। यह आंकड़ा बताता है कि एंडरसन ने न केवल खेल को जिया है, बल्कि वह वक्त के साथ और भी ज्यादा मारक होते जा रहे हैं।
लंकाशर के कप्तान के तौर पर एंडरसन ने फ्रंट से लीड करते हुए टीम की जीत लगभग तय कर दी है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए नॉर्थैम्प्टनशर पर फॉलो-ऑन का खतरा मंडरा रहा है। एंडरसन की यह फिटनेस और गेंद पर कंट्रोल इस बात का सबूत है कि उम्र महज एक नंबर है और उनकी कला आज भी युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।









