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Ranji Trophy : पहली बार हुबली को मिली रणजी फाइनल की मेजबानी, जानें पूरा शेड्यूल

रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताबी मुकाबला इस बार हुबली के केएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा। 24 फरवरी से शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक फाइनल में 8 बार की चैंपियन कर्नाटक और पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीमें भिड़ेंगी। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में चल रहे रिनोवेशन के कारण यह बड़ा फैसला लिया गया है।

Published On: February 21, 2026 5:08 PM
Ranji Trophy : पहली बार हुबली को मिली रणजी फाइनल की मेजबानी, जानें पूरा शेड्यूल

HIGHLIGHTS

  1. तारीख और वेन्यू: 24 फरवरी 2026 से हुबली के केएससीए (KSCA) स्टेडियम में पांच दिवसीय फाइनल।
  2. ऐतिहासिक भिड़ंत: जम्मू-कश्मीर पहली बार फाइनल खेलेगी, जबकि कर्नाटक 11 साल के सूखे को खत्म करना चाहेगा।
  3. स्टेडियम की खासियत: 16.5 एकड़ में फैला यह मैदान बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम की तर्ज पर बना है।
  4. शिफ्ट होने की वजह: बेंगलुरु स्टेडियम में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और सुरक्षा कार्यों के चलते वेन्यू बदला गया।

Ranji Trophy 2026 : घरेलू क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ यानी रणजी ट्रॉफी 2025-26 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस बार का फाइनल मुकाबला बेहद खास होने वाला है क्योंकि हुबली का केएससीए स्टेडियम पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के खिताबी मैच की मेजबानी करेगा। 24 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले इस पांच दिवसीय मुकाबले में कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर की टीमें आमने-सामने होंगी।

हुबली का यह मैदान कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन का दूसरा घर है, जहाँ फिलहाल युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। क्या आपने कभी सोचा था कि हुबली जैसे शहर को इतना बड़ा मौका मिलेगा? वाकई, यह इंटरनेशनल लेवल का स्टेडियम अब एक और यादगार मैच का गवाह बनने को तैयार है।

ऐतिहासिक मैच का गवाह बनेगा हुबली

कर्नाटक की टीम घरेलू क्रिकेट की दिग्गज मानी जाती है और आठ बार की चैंपियन रही है, मगर वो 11 साल के लंबे इंतजार के बाद अब फाइनल की दहलीज पर पहुंची है। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर ने इस बार सबको चौंका दिया है। उनके लिए यह पहला मौका है जब टीम रणजी ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर पाई है, जो उनके क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हुबली के क्रिकेट फैंस में इस भिड़ंत को लेकर जबरदस्त उत्साह है।

दोनों टीमें जब मैदान पर उतरेंगी, तो मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी का नहीं बल्कि साख का भी होगा। स्थानीय लोग भी इस बड़े आयोजन को लेकर काफी एक्साइटेड दिख रहे हैं ना!

हुबली के केएससीए स्टेडियम की खासियत

अगर स्टेडियम की प्रोफाइल पर नजर डालें तो यह साल 2012 में बनकर तैयार हुआ था। इसे पूरी तरह बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के मॉडल पर ही डिजाइन किया गया है। लगभग 16.5 एकड़ में फैले इस परिसर में आठ मुख्य पिचें, दस प्रैक्टिस पिच और दो कंक्रीट पिचें मौजूद हैं। अब तक यहां नौ रणजी मैच और तीन लिस्ट ए मुकाबले खेले जा चुके हैं।

आपको याद दिला दें कि इसी मैदान पर भारत-A और वेस्टइंडीज-A के बीच एक अनौपचारिक टेस्ट मैच भी हुआ था, जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने तिहरा शतक जड़ा था। यह ग्राउंड कर्नाटक प्रीमियर लीग की टीम हुबली टाइगर्स का भी होम बेस है।

तैयारियां और दर्शकों के लिए खास इंतजाम

वैसे तो इस स्टेडियम की क्षमता करीब 50,000 दर्शकों की बताई जाती है, लेकिन एक छोटी सी समस्या है। स्थायी स्टैंड्स में छाया की कमी है, जिसे दूर करने के लिए हर बड़े मैच की तरह इस बार भी अस्थायी स्टैंड और पंडाल लगाए जा रहे हैं। फाइनल के लिए पिच तैयार करने का काम पिछले हफ्ते ही शुरू हो गया था।

बेंगलुरु से आए अनुभवी ग्राउंड्समैन और 10 से ज्यादा स्टाफ मेंबर्स दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। असल में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में इस समय सुरक्षा कारणों और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का काम चल रहा है, इसी वजह से बीसीसीआई और केएससीए ने फाइनल को हुबली शिफ्ट करने का साहसिक फैसला लिया।


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Vibhor Sharma

विभोर शर्मा 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ खेल पत्रकार हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, ओलंपिक्स और अन्य प्रमुख खेल आयोजनों की गहरी समझ और उनका सटीक विश्लेषण विभोर की सबसे बड़ी खूबी है। वे मैदान के अंदर और बाहर की हर महत्वपूर्ण गतिविधि को पूरी प्रामाणिकता के साथ कवर करते हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मैच प्रेडिक्शन और खेल विवादों पर उनकी शोध-आधारित रिपोर्टिंग पाठकों को एक स्पष्ट नज़रिया देती है। क्लिकबेट से दूर, विभोर की तथ्यपरक खेल पत्रकारिता खेल प्रेमियों के लिए खबरों का एक सबसे विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है।

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