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90 साल की उम्र में भी मां बन जाती हैं यहां की महिलाएं? जानिए इस रहस्यमयी जनजाति का सच

Published On: August 6, 2026 12:51 PM
Pakistan Hunza Tribe

HIGHLIGHTS

  • हुंजा घाटी के लोगों की औसत उम्र 120 वर्ष है, जबकि कई लोग 150 साल तक जीवित रहते हैं।
  • सुबह 4 बजे उठना, वाहनों का न्यूनतम उपयोग करना और पैदल चलने या साइकिल चलाने की आदत इनकी फिटनेस की मुख्य वजह है।
  • 'बुरुशो' नाम से पहचाने जाने वाले इस समुदाय की मुख्य भाषा 'बुरुशास्की' है और इनकी आबादी लगभग 85 हजार है।

Pakistan Hunza Tribe : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और बिगड़ी दिनचर्या के कारण जहां लोग कम उम्र में ही कई तरह की शारीरिक समस्याओं से घिर जाते हैं, वहीं दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां लोग 100 वर्ष से अधिक समय तक सेहतमंद जीवन जीते हैं।

इन्हीं में से एक है हुंजा घाटी, जहां के लोग अपनी असाधारण फिटनेस और लंबी उम्र के लिए जाने जाते हैं। पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में स्थित हुंजा घाटी की प्राकृतिक सुंदरता जितनी मनमोहक है, उतनी ही चर्चा यहां रहने वाले ‘हुंजा’ या ‘बुरुशो’ समुदाय की जीवनशैली की भी होती है।

शोधकर्ताओं और यात्रियों के लिए इस समुदाय का रहन-सहन हमेशा से उत्सुकता का विषय रहा है।

सुबह की शुरुआत और शारीरिक गतिविधि

हुंजा समुदाय के लोगों की दिनचर्या बेहद अनुशासित होती है। यहां के लोग आमतौर पर सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। गाड़ियों का इस्तेमाल न के बराबर होता है; लोग ज्यादातर पैदल चलते हैं या साइकिल का सहारा लेते हैं।

पहाड़ी रास्तों पर रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने की वजह से उनका कार्डियोवस्कुलर सिस्टम प्राकृतिक रूप से मजबूत रहता है। लगातार शारीरिक रूप से एक्टिव रहना उनकी फिटनेस का सबसे बड़ा कारण है।

प्राकृतिक और शुद्ध खानपान

हुंजा घाटी का वातावरण पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है और यहां के लोग मुख्य रूप से ताजा एवं प्राकृतिक भोजन ही पसंद करते हैं। उनके आहार में शामिल मुख्य चीजें:

  • ताजे फल जैसे खुबानी (Apricot), सेब, चेरी और अंगूर।
  • घर में बने अनाज, जौ, बाजरा और गेहूं की रोटियां।
  • सूखे मेवे और विशेष रूप से खुबानी के बीज का तेल।
  • पहाड़ों से आने वाला शुद्ध और खनिज समृद्ध पानी।

यहाँ प्रिजर्वेटिव्स या प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यहां के लोगों का पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और उन्हें पेट संबंधी बीमारियां बहुत कम होती हैं।

तनावमुक्त जीवन और सामाजिक जुड़ाव

हुंजा समुदाय के लोग साधारण और तनावमुक्त जीवन जीते हैं। लगभग 85 हजार की आबादी वाले इस इलाके में शिक्षा का स्तर काफी बेहतर है।

आपसी मेलजोल, साफ हवा और प्राकृतिक परिवेश के कारण यहां के लोग मानसिक रूप से भी काफी शांत रहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव कम होना और प्रकृति के करीब रहना ही उनकी त्वचा की रंगत और ढलती उम्र में भी ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

शहरी जीवन के लिए सीख

हालांकि हर किसी के लिए पहाड़ी वादियों में बसना संभव नहीं है, लेकिन हुंजा समुदाय से कुछ जरूरी आदतें जरूर सीखी जा सकती हैं:

  • रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट पैदल चलें।
  • आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज बढ़ाएं।
  • जितना संभव हो प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से दूरी बनाएं।
  • समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें।

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Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

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