लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में निजता में सेंधमारी का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है, जहां एक दंपत्ति को उनके ही घर के भीतर शिकार बनाया गया। पीड़ित पति-पत्नी को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसे देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। यह वीडियो उनके अपने घर के बाथरूम का था, जिसे बेहद शातिर तरीके से रिकॉर्ड किया गया था।
रात के करीब 11 बजे आए इस संदेश में न केवल वीडियो साझा किया गया, बल्कि इसे सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए 6 करोड़ रुपये की मांग की गई। ब्लैकमेलर ने साफ तौर पर कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो वह इस कंटेंट को इंटरनेट पर वायरल कर परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा धूल में मिला देगा।
मैसेज मिलने के तुरंत बाद जब दंपत्ति ने बाथरूम की जांच की, तो उन्हें फॉल्स सीलिंग में एक छोटा सा संदिग्ध सुराख मिला, जिसका इस्तेमाल कैमरे की फिटिंग के लिए किया गया था।
शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि घर में मरम्मत का काम करने आए किसी व्यक्ति या किसी करीबी ने इस साजिश को अंजाम दिया होगा। साइबर सेल की मदद से उस मोबाइल नंबर को ट्रेस किया जा रहा है जिससे मैसेज भेजा गया था। पुलिस ने आईपीसी की सुसंगत धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर रेंटल प्रॉपर्टीज और नए घरों में ‘हिडन कैमरा’ डिटेक्शन को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर में किसी भी बाहरी मैकेनिक या लेबर को काम पर लगाने के बाद एक बार प्राइवेसी वाले कोनों की मैन्युअल जांच अनिवार्य है। फिलहाल, लखनऊ पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के जरिए आरोपी के करीब पहुंचने की कोशिश कर रही है।









