पूर्णिया, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। बिहार के पूर्णिया जिले में रिश्तों के बंटवारे का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कानूनी जानकारों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है।
भवानीपुर थाना क्षेत्र के गोडियारी (Bihar Viral News) में रहने वाले एक शख्स को अब अपनी दो पत्नियों के बीच कैलेंडर देखकर दिन गुजारने होंगे। आपसी कलह और कानूनी दांवपेच में उलझे इस परिवार को बचाने के लिए परिवार परामर्श केंद्र ने पति के समय का ही दो हिस्सों में विभाजन कर दिया।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शख्स की दूसरी पत्नी न्याय की गुहार लेकर पुलिस के पास पहुंची। महिला का सीधा आरोप था कि शख्स ने अपनी पहली शादी और 6 बच्चों की बात उससे छिपाई थी।
धोखे में रखकर शादी रचाने के बाद अब पति उसे अपनाने से कन्हैया काट रहा था। महिला ने स्पष्ट किया कि पति उसे केवल ‘इस्तेमाल’ कर छोड़ना चाहता है, जो उसे मंजूर नहीं।
हैरानी की बात तब बढ़ गई जब पहली पत्नी भी मैदान में उतर आई। उसने किसी भी कीमत पर अपने पति को छोड़ने से इनकार कर दिया। दोनों महिलाएं एक ही शख्स के साथ रहने की जिद पर अड़ी थीं।
मामला जब परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा, तो अधिकारियों के सामने धर्मसंकट खड़ा हो गया कि आखिर इस त्रिकोणीय संघर्ष को कैसे सुलझाया जाए। परामर्श केंद्र ने काफी माथापच्ची के बाद एक ऐसा फॉर्मूला निकाला जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया।
केंद्र ने आदेश दिया कि पति को अपनी दोनों पत्नियों को अलग-अलग मकानों में रखना होगा। इतना ही नहीं, उसके रहने का समय भी फिक्स कर दिया गया है। महीने के शुरुआती 15 दिन वह पहली पत्नी के घर बिताएगा और अगले 15 दिन उसे दूसरी पत्नी के साथ रहना अनिवार्य होगा।
इस समझौते को केवल मौखिक नहीं रखा गया है। भविष्य में कोई भी पक्ष अपनी बात से न पलटे, इसके लिए परामर्श केंद्र ने तीनों से बाकायदा कानूनी बॉन्ड भरवाया है।
पति पर दोनों पत्नियों के भरण-पोषण, भोजन और कपड़ों का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी डाली गई है। पूर्णिया के इस ‘मिड-वे’ सॉल्यूशन की चर्चा अब पूरे इलाके में आग की तरह फैल रही है।











