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Uttarakhand News : 2.5 लाख महिलाओं की चमकेगी किस्मत, मुख्य सचिव का बड़ा आदेश

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 24 Feb 2026 06:36 PM IST

उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने के लिए ₹677.75 करोड़ के भारी-भरकम बजट पर मुहर लगा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में 2.5 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने और पलायन रोकने के लिए बंद पड़े ग्रोथ सेंटर्स को दोबारा जिंदा करने का मास्टरप्लान तैयार किया गया है।

Uttarakhand News : 2.5 लाख महिलाओं की चमकेगी किस्मत, मुख्य सचिव का बड़ा आदेश

मुख्य बातें

  1. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए REAP परियोजना के तहत ₹677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत।
  2. प्रदेश की 2.5 लाख महिलाओं की आय सालाना 1 लाख रुपये से ऊपर ले जाने का आक्रामक टारगेट।
  3. 2026 को 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष' के रूप में मनाते हुए विशेष तकनीकी और वित्तीय मदद का ऐलान।
  4. अनुपयोगी ग्रोथ सेंटर्स को 'हाउस ऑफ हिमालय' के जरिए एक्टिव कर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा।

देहरादून। (Uttarakhand News) उत्तराखंड में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार समिति ने भविष्य का रोडमैप तैयार कर लिया है। सचिव डी.एस. गब्रियल द्वारा पेश की गई 2026-27 की कार्ययोजना में केवल कागजी आंकड़े नहीं, बल्कि जमीन पर आय सृजन की ठोस रणनीति है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बजट का बड़ा हिस्सा स्थानीय संसाधनों के विकास, कृषि सहायक गतिविधियों और लघु उद्यमों को खड़ा करने में खर्च होगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि केवल योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को केंद्र और राज्य की अन्य योजनाओं से जोड़कर ‘कन्वर्जेंस’ मॉडल पर काम करना होगा।

2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ 

मिशन 2026 के तहत उत्तराखंड की 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने की मुहिम में तेजी लाई जाएगी। मुख्य सचिव ने अफसरों को दो टूक कहा कि हर जनपद में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के साथ सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान निकालें।

2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने के कारण, इस बार महिला किसानों को विशेष पूंजीगत और संस्थागत प्रोत्साहन मिलेगा। समान प्रकृति के स्वयं सहायता समूहों को एक साथ लाकर उन्हें बड़े बाजारों से जोड़ने की तैयारी है।

पलायन पर प्रहार 

पहाड़ की जवानी और पानी को रोकने के लिए सरकार अब बंद पड़े या सुस्त पड़े ग्रोथ सेंटर्स में नई जान फूंकेगी। मुख्य सचिव ने आदेश दिए हैं कि जो ग्रोथ सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के तहत लाया जाए। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग होगी, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण और गैर-कृषि उद्यमों के जरिए युवाओं को गांव में ही काम मिलेगा।

बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय और झरना कमठान समेत आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि इस भारी-भरकम बजट का एक-एक पैसा ग्रामीण सशक्तिकरण में कड़ाई से इस्तेमाल हो।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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