देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों उत्तराखंड मौसम अलर्ट (Uttarakhand Weather Update) के बीच प्रकृति के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां राजधानी देहरादून समेत मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ अचानक छाई घनी धुंध और कुहासे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विजिबिलिटी बेहद कम होने की वजह से कुमाऊं क्षेत्र में संचालित होने वाली सभी 26 हेलीकॉप्टर उड़ानें लगातार तीसरे दिन रद्द करनी पड़ीं।
हवाई सेवाओं पर ब्रेक और शून्य दृश्यता
पहाड़ों पर छाई इस रहस्यमयी धुंध का सबसे बुरा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। हल्द्वानी के गौलापार हेलीपोर्ट से संचालित होने वाली निजी कंपनी की सभी सेवाएं ठप रहीं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पिथौरागढ़ में दृश्यता कम होने के कारण दिल्ली जाने वाली फ्लाइट भी उड़ान नहीं भर सकी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि देहरादून से टिहरी, श्रीनगर और गौचर जैसे इलाकों के लिए सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहीं।

गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, सामान्य से ऊपर पहुंचा पारा
प्रदेश में धुंध के बावजूद सूरज की तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। देहरादून में बुधवार का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 6.3 डिग्री अधिक है। पर्यटन नगरी मसूरी में तो हालात और भी चौंकाने वाले हैं, वहां पारा सामान्य से 9.2 डिग्री उछलकर 23.5 डिग्री तक जा पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिन और रात के तापमान में आ रहा भारी अंतर ही इस बेमौसम धुंध का मुख्य कारण है।
पश्चिमी विक्षोभ और बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के मिलन से यह स्थिति पैदा हुई है। बुधवार को धारचूला और जोशीमठ जैसे ऊंचे इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे हल्की राहत मिली है। विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
15 मार्च से पूरे प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।









