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स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तराखंड बना लीडर, महिलाओं के दम पर मिली कामयाबी

देहरादून में आयोजित 'मंथन-2025' में सीएम धामी ने बताया कि राज्य में 5 लाख महिलाएं अब व्यवसायी बन चुकी हैं। 'हाउस ऑफ हिमालय' ब्रांड और सरकारी नीतियों से उत्तराखंड की मातृशक्ति आर्थिक तौर पर सशक्त हो रही है।

Published on: December 28, 2025 12:05 AM
स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तराखंड बना लीडर, महिलाओं के दम पर मिली कामयाबी
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HIGHLIGHTS

  • उत्तराखंड में 70 हजार समूहों के जरिए 5 लाख महिलाएं कर रही हैं अपना व्यवसाय।
  • राज्य में अब तक 1 लाख 68 हजार से ज्यादा महिलाएं बन चुकी हैं 'लखपति दीदी'।
  • 'हाउस ऑफ हिमालय' ब्रांड के जरिए ई-कॉमर्स पर बिक रहे हैं स्थानीय उत्पाद।
  • सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण और सुरक्षा के लिए UCC लागू।
  • 15 हजार महिला उद्यमियों को सरकार दे रही है इन्क्यूबेशन की सुविधा।

देहरादून के मुख्य सेवक सदन में शनिवार को ‘मंथन-2025’ का मंच सजा। मौका था महिला उद्यमियों के सम्मान का, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की बदलती तस्वीर पेश की।

उन्होंने साफ किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति अब केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ बन चुकी है। आंकड़े गवाह हैं कि राज्य में 70 हजार स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए करीब 5 लाख महिलाएं संगठित होकर अपना व्यवसाय चला रही हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालय’ से मिली ग्लोबल पहचान

बिजनेस उत्तरायणी संस्था की ओर से आयोजित इस समिट में सीएम धामी ने बताया कि सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार देने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालय’ अंब्रेला ब्रांड शुरू किया है। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाले पहाड़ी उत्पाद अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और इनहाउस स्टोर्स के जरिए दुनिया भर में पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत महिला समूहों के उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों और लखपति दीदियों को सरकार इन्क्यूबेशन की सुविधा भी दे रही है, ताकि वे अपने स्टार्टअप को बड़ा कर सकें।

आरक्षण और सुरक्षा का कवच

मुख्यमंत्री ने इस बदलाव का बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया, तो राज्य सरकार ने भी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30% क्षैतिज आरक्षण लागू किया है।

समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना है, जिससे महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को मजबूती मिली है। सीएम ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर सेना और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में अपनी धाक जमा रही हैं।

लखपति दीदी योजना ने बदली तस्वीर

राज्य में स्टार्टअप और उद्यमिता का माहौल किस कदर बदला है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उत्तराखंड को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी मिली है।

आज नारी शक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप पारंपरिक कला, कृषि, डिजिटल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं। सरकार अब उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर फोकस कर रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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