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Uttarakhand : उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब सैलरी से जुड़ेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

Uttarakhand CS Meeting Decisions : उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने और स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है। मुख्य सचिव ने खेल और आंगनवाड़ी सुधारों को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Published on: December 30, 2025 12:58 PM
Uttarakhand : उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब सैलरी से जुड़ेगी बायोमेट्रिक हाजिरी
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HIGHLIGHTS

  • प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में 8 मार्च 2026 तक बनेंगे छात्राओं के लिए शौचालय।
  • सरकारी कर्मचारियों की सैलरी अब आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति से लिंक होगी।
  • ओलिम्पिक 2036 के लिए अभी से 1500 बच्चों को चिह्नित कर ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • कॉलेज और यूनिवर्सिटी अब अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेंगे।
  • हर जिले में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट' और 'वन फेस्टिवल' योजना लागू होगी।

देहरादून : उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को अब अपनी उपस्थिति को लेकर सतर्क रहना होगा। उनकी सैलरी अब सीधे बायोमेट्रिक हाजिरी से जुड़ने जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में हुई सचिव समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति शुरू की जाए।

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सबसे अहम बात यह है कि इस उपस्थिति को आईएफएमएस (सैलरी सिस्टम) से लिंक किया जाएगा, यानी हाजिरी नहीं तो वेतन में दिक्कत आ सकती है। आईटीडीए को इसके लिए जल्द मैकेनिज्म तैयार करने को कहा गया है।

स्कूलों में 8 मार्च 2026 तक की समय सीमा

बेटियों की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को 8 मार्च 2026 तक गर्ल्स टॉयलेट से ‘सैचुरेट’ (पूर्णतः सुसज्जित) करना होगा। मुख्य सचिव ने चिंता जताई कि कई स्कूलों में शौचालय तो हैं, लेकिन सफाई न होने के कारण वे बेकार पड़े हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सिर्फ टॉयलेट न बनाएं, बल्कि उनकी नियमित सफाई का भी पूरा ‘वर्क प्लान’ तैयार करें। इसके साथ ही, बच्चों को अपने राज्य की संस्कृति समझने के लिए 2 से 3 दिन के टूरिस्ट प्लेस भ्रमण पर भी भेजा जाएगा।

आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेंगे कॉलेज

आंगनवाड़ी केंद्रों की दशा सुधारने के लिए एक नया मॉडल अपनाया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूरा सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड अब आंगनवाड़ी केंद्रों पर खर्च होगा। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अपील की है कि वे अपने आसपास के आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लें।

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भविष्य में नए आंगनवाड़ी केंद्र स्कूलों के नजदीक ही खोले जाएंगे। इससे छोटे बच्चों के लिए स्कूल और आंगनवाड़ी के बीच का फासला कम होगा और वे आसानी से शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे।

2036 ओलिम्पिक के लिए अभी से तलाश

खेल विभाग को भविष्य की बड़ी तैयारी करने के निर्देश मिले हैं। लक्ष्य है- 2036 ओलिम्पिक गेम्स। उत्तराखंड के खिलाड़ी भी इन खेलों में मेडल ला सकें, इसके लिए अभी से 10 से कम उम्र के बच्चों पर फोकस किया जाएगा।

पूरे प्रदेश से प्रतियोगिताओं के जरिए 1000 से 1500 ऐसे बच्चे छांटे जाएंगे, जिन्हें अगले 10 साल तक विशेष ट्रेनिंग मिलेगी। हर जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट’ योजना लागू की जाएगी ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।

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ई-ऑफिस और पर्यटन को रफ्तार

प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों और जिला कार्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होगी। गृह विभाग की तर्ज पर अन्य विभागों को भी इसे अपनाना होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के तहत प्रदेश के 5 से 7 खास स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, हर जिले को अपने स्थानीय त्योहारों को प्रमोट करने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल’ चिह्नित करने को कहा गया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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